बरेली: मनमाने तरीके से खोदी गई सड़कों को पुरानी स्थिति में लाएगी कंपनी
फोटो- उमेश जी देंगे। बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसीसी) का काम कर रही हनीवेल कंपनी पर नगर निगम प्रशासन ने शिकंजा कसा है। कंपनी को नोटिस दिया गया है कि करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत से बनी आदर्श सड़क सहित दूसरी खोदी गई सड़कों को …
फोटो- उमेश जी देंगे।
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसीसी) का काम कर रही हनीवेल कंपनी पर नगर निगम प्रशासन ने शिकंजा कसा है। कंपनी को नोटिस दिया गया है कि करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत से बनी आदर्श सड़क सहित दूसरी खोदी गई सड़कों को जब तक उनकी पुरानी स्थिति में वापस नहीं लाया जाता, उनका भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही कंपनी स्टाफ को यह पूरा नक्शा दिया गया है कि उन्हें किस जगह पर पिलर लगाकर सीसीटीवी कैमरे लगाने हैं। सीसीटीवी लगाने के लिए कंपनी ने मनमाने तरीके से तमाम सड़कों को खोद दिया था। यह मामला सामने आने के बाद मेयर उमेश गौतम ने कंपनी के भुगतान पर रोक लगा दी थी।
स्मार्ट सिटी परियोजना के आईसीसीसी के तहत शहर की तमाम गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 167 करोड़ रुपए से 150 स्थानों पर 900 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए कंपनी के स्टाफ ने कैमरे लगाने के लिए पोल लगाने का काम शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले मेयर के पास शिकायत पहुंची कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ही करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत से शील चौराहे से डीडीपुरम तक बनी आदर्श रोड को कंपनी के लोगों ने बिना अनुमति के सड़क को खोद दिया है।
कंपनी के स्टाफ ने पोल लगाने के लिए नगर निगम में सड़क खोदने के लिए न तो कोई आवेदन किया और न ही न रोड काटने की कोई रकम ही जमा की है। इस नुकसान को देखते हुए मेयर ने मंडलायुक्त को इस संबंध में पत्राचार भी किया था। इस मामले को लेकर नगर आयुक्त अभिषेक आनंद की ओर से कंपनी को नोटिस दिया गया है कि कंपनी ने पोल लगाने के लिए जिन सड़कों की खोदा है, उन सड़कों को उनकी पुरानी स्थिति में लाना होगा। उसके बाद ही भुगतान होगा।
हालांकि कंपनी की ओर से अभी रोड की मरम्मत का काम नहीं किया गया है। आदर्श सड़क के पास अभी भी खुदी रोड का पटान करके ऐसी ही छोड़ दिया गया है। कई करोड़ की लागत से बनी आदर्श रोड को हनीवेल कंपनी के खोदने की शिकायत पार्षद सतीश चंद्र कातिब, आरेंद्र अरोरा अक्कू और शशि सक्सेना ने की थी।
तमाम दावों के बावजूद गड्ढामुक्त नहीं हो पा रही सड़कें
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा हकीकत से कोसों दूर है। शहर की शायद ही कोई सड़क है, जिस पर गड्ढे न हो। सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने जल निगम एक्सईएन, जलकल विभाग और निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की है। बैठक में नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सड़कों को तत्काल गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। शहर में पिछले डेढ़ साल से सीवर लाइन बिछाने को लेकर प्रमुख सड़कों को खोद दिया गया है। इससे पहले भी वाटर लाइन बिछाने या फाइवर केबिल डालने के लिए भी सड़क खोद दी गई। इन तमाम सड़कों को लेकर प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से लेकर नोडल अफसर नवनीत सहगल तक जिम्मेदार विभागों से जुड़े अधिकारियों को डांट लगा चुके हैं।
हनीवेल कंपनी को नोटिस दिया
सीईओ स्मार्ट सिटी/ नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कहा कि हनीवेल कंपनी को नोटिस दिया गया है कि सीसीटीवी कैमरों के पोल लगाने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया है, उनकी अच्छी तरह से मरम्मत करने के बाद उन्हें पुरानी स्थिति में लाया जाए। इसके बाद ही भुगतान होगा। कंपनी ने काम करने के लिए अनापत्ति व दूसरी औपचारिकताओं को पहले से पूरा किया है।
