अयोध्या: चाची ने इन संगीन धाराओं में समाजसेवी पर दर्ज कराया मुकदमा, भतीजे ने किया खारिज
अयोध्या। जनपद के खंडासा थाना क्षेत्र की रहने वाले जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं समाजसेवी सहित एक अन्य युवक के विरुद्ध उनकी सगी चाची ने अपने साथ एक वर्ष में अनगिनत बार दुराचार किए जाने सहित उसकी नाबालिग बेटी से छेड़खानी एवं विद्युत करंट से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। खंडासा थाने के …
अयोध्या। जनपद के खंडासा थाना क्षेत्र की रहने वाले जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं समाजसेवी सहित एक अन्य युवक के विरुद्ध उनकी सगी चाची ने अपने साथ एक वर्ष में अनगिनत बार दुराचार किए जाने सहित उसकी नाबालिग बेटी से छेड़खानी एवं विद्युत करंट से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। खंडासा थाने के प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित महिला की तहरीर पर महिला जिला पंचायत सदस्य के पति एवं एक अन्य के विरुद्ध दुराचार एवं छेड़खानी, दुराचार के प्रयास सहित जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक खंडासा थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने गांव के जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती महिला कौशल्या यादव के पति एवं समाजसेवी प्रदीप यादव पुत्र भगवत एवं दिनेश पुत्र हौसला के विरुद्ध दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि बीते एक वर्ष से प्रदीप यादव उनके साथ 20 से अधिक बार धमका कर दुष्कर्म कर चुके हैं और उनकी नाबालिग बेटी के साथ कई बार छेड़खानी करते हुए दुराचार का प्रयास किए। यह बात उसने लोक लाज के भय से किसी को बताया तक नहीं।
यही नहीं उपरोक्त प्रदीप यादव ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर कई बार धमकाया और जान से मार डालने की धमकी तक दी तथा विद्युत करंट भी लगा कर जान से मारने का प्रयास भी किया। पीड़ित महिला की तहरीर पर प्रभारी निरीक्षक नीरज सिंह ने आरोपी समाजसेवी प्रदीप यादव एवं दिनेश यादव के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 164/21 धारा 323, 308, 354 ख, 376, 506, 511आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। हालांकि पुलिस अभी मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
वहीं दूसरी ओर समाज सेवी एवं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि प्रदीप यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि आरोप लगाने वाली महिला के परिवार से उनका काफी पुराना जमीनी विवाद भी चल रहा है। साथ ही प्रकरण में राजनीतिक रंग देकर फर्जी एवं कूट रचित मुकदमा दर्ज कराया गया है। समूचे प्रकरण में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सत्ता पक्ष के जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी का समर्थन किए जाने के चलते सत्ता के दबाव में यह कुचक्र रचा गया है।
