सीतापुर: ऊर्जा मंत्री ने किया दो विद्युत उपकेंद्रों का शिलान्यास, गिनाई उपलब्धियां
सीतापुर। ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को सीतापुर के बिसवां स्थित कंदुनी में 220 केवी कंदुनी उपकेंद्र एवं 33/11 केवी कसरैला उपकेंद्र का शिलान्यास व 33/11 केवी वितरण उपकेंद्र काजी कमालपुर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सीतापुर में आजादी के बाद यह दूसरा पारेषण उपकेंद्र …
सीतापुर। ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को सीतापुर के बिसवां स्थित कंदुनी में 220 केवी कंदुनी उपकेंद्र एवं 33/11 केवी कसरैला उपकेंद्र का शिलान्यास व 33/11 केवी वितरण उपकेंद्र काजी कमालपुर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सीतापुर में आजादी के बाद यह दूसरा पारेषण उपकेंद्र बन रहा है। इससे पहले की सरकारों में केवल 4 जिले ही वीआईपी माने जाते थे, केवल उन्हीं को बिजली मिलती थी। 2017 के पहले मोबाइल भी चार्ज करने के लिए गांव वालों को जिला मुख्यालय पर आना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि 174.19 करोड़ के इस उपकेंद्र का काम पूरा होने पर सीतापुर ही नहीं लखनऊ, शाहजहाँपुर और लखीमपुर की 80 लाख आबादी को निर्बाध और गुणवत्तायुक्त बिजली मिलेगी। साथ ही बिसवां व महमूदाबाद क्षेत्र को द्वितीय स्रोत से भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। कहा कि प्रदेश सरकार ने गठन के दिन ही वीआईपी कल्चर खत्म कर सभी क्षेत्रों को समान और आवश्यक रूप से बिजली की उपलब्धता तय की है। गांव को 18, तहसील को 20 व जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीतापुर में वितरण के क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये ढांचा सुधार पर खर्च किये गए हैं। जिले में 8 नए 33/11 केवी बिजलीघर बनाये गए हैं, वहीं 9 बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाई गई है। 6982 मजरों का विद्युतीकरण कर 1,81430 लोगों को बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। इसमें 46 हजार को मुफ्त व 1578 लोगों के घरों को सोलर पावर पैक के माध्यम से रौशन किया गया है। जिले में 5190 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं। 2778 किमी की एचटी व 4450 किमी एलटी लाइन गांवों में विद्युतीकरण के लिए बिछाई गई है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार 840 गांवों के 1121 मजरों में 40 करोड़ की लागत से जर्जर तारों के स्थान पर एबीसी केबलिंग का काम भी करवा रही है। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में ग्रिड की क्षमता केवल 16348 मेगावाट थी, अब यह बढ़कर 25000 मेगावाट हो चुकी है। 2022 तक यह 28000 मेगावाट हो जाएगी। वहीं ग्रिड की आयात क्षमता भी 7800 मेगावाट से बढ़कर 14000 मेगावाट हो चुकी है। सरकार ने 765 केवी के 12, 400 केवीए के 34, 220 केवी के 72 व 132 केवी के 119 पारेषण उपकेंद्रों का निर्माण करवा चुकी है। जिसकी वजह से आज बिजली की आपूर्ति का तंत्र बहुत बेहतर हो चुका है।
ऊर्जा मंत्री ने सभी उपभोक्ताओं से नियमित बिजली का बिल भरने की अपील की। कहा कि सभी लोग बिल भरेंगे तो सबको सस्ती बिजली मिलेगी। उन्होंने अपील की, कि सभी लोग कोविड वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करें, जिससे आने वाली संभावित आपदा से निपटा जा सके। इस मौके पर बिसवां से भाजपा विधायक महेंद्र यादव, हरगांव विधायक सुरेश राही सहित भारी संख्या में भाजपा नेता, जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
