बरेली: अत्याधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल, फिर भी नहीं मिल पा रहा इलाज
बरेली, अमृत विचार। अत्याधुनिक सुविधाओं वाला 300 बेड अस्पताल होने के बावजूद जिले में मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। जबकि, अस्पताल का निर्माण पूरा हो चुका है। बावजूद अस्पताल अब तक स्वास्थ्य विभाग को हस्तांरित तक नहीं हो पाया। हस्तांतरण को लेकर राजकीय निर्माण निगम व स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप …
बरेली, अमृत विचार। अत्याधुनिक सुविधाओं वाला 300 बेड अस्पताल होने के बावजूद जिले में मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। जबकि, अस्पताल का निर्माण पूरा हो चुका है। बावजूद अस्पताल अब तक स्वास्थ्य विभाग को हस्तांरित तक नहीं हो पाया। हस्तांतरण को लेकर राजकीय निर्माण निगम व स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। हालांकि, बिल्डिंग में कोविड चिकित्सालय संचालित हो रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर से पहले शासन के निर्देश पर बनी कमेटी ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल परिसर में कई खामियां मिली थीं जिसमें मुख्यत: अग्निश्मन सिस्टम की पाइप के लिए भूमिगत टैंक का निर्माण ही नहीं किया गया। पूरा अग्निश्मन सिस्टम छत पर बनी पानी की टंकी से जोड़ दिया गया। जबकि यहां का पानी बाथरूम और शौचालय के उपयोग में आ रहा है। कमेटी ने निरीक्षण के दौरान 8 बड़ी खामियों की रिपोर्ट शासन को भेजी थी जिस पर कार्रवाई के तौर पर कमेटी को ही बदल दिया गया।
300 बेड अस्पताल के भवन हस्तांतरण का पेच फिलहाल फंसा ही हुआ है। पहले जहां निर्माण विभाग स्वास्थ्य महकमे पर करीब सात करोड़ रुपये बकाया होने का हवाला दे रहा था। वहीं, हस्तांतरण प्रक्रिया से पहले स्वास्थ्य महकमे की जांच में भवन निर्माण के दौरान कई खामियां निकलकर सामने आईं। पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी अस्पताल भवन की जांच लोक निर्माण विभाग से करवाना चाहते थे ताकि भवन निर्माण में उपयोग की गई सामग्री और उसकी स्थिति पर एक अन्य संस्था की राय भी रखी जा सके। हालांकि प्रशासन ने इससे इंकार कर दिया। अब सीएमओ खुद बिंदुवार पूरे हुए काम और इस पर लागत की रिपोर्ट चेक कराएंगे।
भूमिगत पानी टैंक का निर्माण नहीं
राजकीय निर्माण निगम ने 300 बेड कोविड अस्पताल में भूमिगत पानी टैंक नहीं बनाया है। इस टैंक से पूरे अस्पताल परिसर में अग्निश्मन की पाइपों में पानी की सप्लाई होनी थी। राजकीय निर्माण निगम ने भूमिगत पानी टैंक नहीं बनाया। उसकी जगह छत पर बनी पानी टंकी से अग्निशमन की पाइपों का कनेक्शन कर दिया है।
पार्किंग भी सही नहीं बनी
अस्पताल में तीन बिल्डिंग बनी हैं और राजकीय निर्माण निगम को वाहनों के लिए पार्किंग भी बनाकर देना था जहां अधिकारियों, अस्पताल की गाड़ियों के साथ ही मरीजों-तीमारदारों के वाहन खड़े होंगे। निरीक्षण में कमेटी को अस्पताल परिसर में कहीं पार्किंग नहीं मिली। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है।
एसी-जेनरेटर भी मानक के अनुरूप नहीं
अस्पताल में एसी-जेनरेटर भी मानक के अनुरूप नहीं थे। निरीक्षण में कमेटी ने पाया कि वहां दो जेनरेटर काम करते होने चाहिए थे। जबकि एक ही जेनरेटर चल रहा था। इस पर भी कमेटी ने आपत्ति जताई थी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके गर्ग ने बताय कि स्वास्थ्य, बिजली, सिविल इंजीनियर की टीम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। हालांकि एक अन्य विशेषज्ञ टीम से जांच में स्थिति और साफ हो जाएगी। जल्द ही हस्तांतरण को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा।
