बरेली: चुनाव खर्च का आकलन… सिस्टम की कागजी तसल्ली
बरेली, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में चुनाव खर्च का आंकलन की बात करना…सिस्टम की खुद को कागजी तसल्ली देने के बराबर जैसा है। मैनेजमेंट की तरह लड़े जाने वाले इस चुनाव में हर तरफ धन-बल का प्रयोग होता है। कहीं सदस्य खरीदे जाते हैं तो कहीं दबाव में लेकर अपनी तरफ …
बरेली, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में चुनाव खर्च का आंकलन की बात करना…सिस्टम की खुद को कागजी तसल्ली देने के बराबर जैसा है। मैनेजमेंट की तरह लड़े जाने वाले इस चुनाव में हर तरफ धन-बल का प्रयोग होता है। कहीं सदस्य खरीदे जाते हैं तो कहीं दबाव में लेकर अपनी तरफ मिलाए जाते हैं। इस कड़वे सत्य को कोई भी पार्टी या सरकार झुठला नहीं पायी है। यही वजह है कि चार लाख रुपए खर्च की निर्धारित सीमा की जगह इस चुनाव में कई करोड़ रुपए तक खर्च किए जा रहे हैं।
इस बार चुनाव खर्च का आंकलन करने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अध्यक्ष चुनाव में उम्मीदवार के लिए खर्च की सीमा चार लाख रुपए निर्धारित की है। अगर अभी तक के खर्च की बात करें तो एक उम्मीदवार सदस्यों को एकजुट रखने के लिए एक ट्रिप में ही चार लाख रुपए खर्च कर चुका है। जबकि एक माह से बरेली जनपद के 60 जिला पंचायत सदस्यों की सपा और भाजपा उम्मीदवार खातिरदारी करने में लगे हैं।
फाइव स्टार होटल में पार्टी देना मामूली बात है। सदस्यों को गोवा, मुंबई, राजस्थान और उत्तराखंड की सैर करायी जा रही है। सदस्यों के सैर सपाटे का कोई रिकार्ड तो है नहीं, ऐसे में खर्च हुई लाखों रुपए की रकम का कोई हिसाब नहीं है। क्योंकि उम्मीदवारों ने सदस्यों को चोरी छिपे ट्रिप पर भेजा है। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी नितीश कुमार द्वारा उम्मीदवारों के खर्च का ब्योरा एकत्र करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह और कोषाधिकारी को लगाया है।
मोटी रकम में खरीद-फरोख्त का वायरल हो चुका है वीडियो
पिछले माह कुछ कार्यकर्ताओं का एक होटल में बातचीत का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें खरीद-फरोख्त की खुली बात करते दिख रहे हैं। 15 लाख रुपए से लेकर 25 लाख रुपए तक एक सदस्य पर रुपया खर्च की बात सामने आयी थी। जबकि 60 सदस्य हैं। इसमें सपा और भाजपा को अपने उम्मीदवारों को भी खुश रखने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इस चुनाव में कौन कब पाला बदल ले। यह कोई नहीं जानता है। दो दिन पहले पीलीभीत और शाहजहांपुर में सपा प्रत्याशियों ने भाजपा ज्वाइन कर ली। अचानक ऐसे बदलाव की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।
