बरेली: मॉडल प्रश्न पत्र का प्रारूप जारी, अब भी विरोध में छात्र नेता

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विवि ने स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के प्रारूप गुरुवार को जारी कर दिए। इसके तहत स्नातक में सभी प्रश्न पत्रों का एक प्रश्न पत्र और स्नातकोत्तर में सभी प्रश्न पत्र होंगे। अमृत विचार ने गुरुवार के अंक में प्रारूप जारी होने को लेकर प्रमुखता से खबर …

बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विवि ने स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के प्रारूप गुरुवार को जारी कर दिए। इसके तहत स्नातक में सभी प्रश्न पत्रों का एक प्रश्न पत्र और स्नातकोत्तर में सभी प्रश्न पत्र होंगे। अमृत विचार ने गुरुवार के अंक में प्रारूप जारी होने को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इधर, प्रारूप जारी होने के बावजूद परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गतिरोध जारी है। गुरुवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर 11 जून को परीक्षा समिति की बैठक हुई थी। उसके बाद विषय विशेषज्ञों की समिति ने प्रारूप तैयार किया जिसे कुलपति के अनुमोदन के बाद गुरुवार को जारी कर दिया गया। परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम) ḥकी परीक्षा में एक ही प्रश्नपत्र में सभी प्रश्नपत्रों के प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम प्रश्न दीर्घ उत्तरीय होगा, जिसमें सभी प्रश्नपत्रों के प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को किसी एक प्रश्न का उत्तर देना होगा। यह प्रश्न 30 अंकों का होगा।

लघु उत्तरीय प्रश्न भी सभी प्रश्नपत्रों से शामिल किए जाएंगे। प्रश्नों की संख्या 10 होगी, जिसमें से छात्र को कोई भी चार हल करने होंगे। चार प्रश्नों के 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह से बहुविकल्पीय प्रश्न भी सभी प्रश्नपत्रों से पूछे जाएंगे। प्रश्नों की संख्या 10 होगी, जिनमें से छात्रों को सिर्फ पांच प्रश्न हल करने होंगे। इनके 20 अंक निर्धारित किये गए हैं।

स्नातकोत्तर के प्रश्नपत्रों को दो समूह में बांटा
स्नातकोत्तर (एमए, एमएससी, एमकॉम) की परीक्षा में विषय विशेषज्ञों की टीम ने सहमति दी कि सभी प्रश्नपत्र अलग-अलग कराए जाएं और छात्रों को सिर्फ तीन प्रश्नों के उत्तर देने का विकल्प हो ताकि छात्रों को भविष्य में कोई समस्या न आए। स्नातकोत्तर कक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद छात्र जब विभिन्न साक्षात्कार में जाते हैं तो उनसे विशिष्ठ प्रश्नपत्र के बारे में पूछा जाता है और उसमें प्राप्त नंबर अलग से पूछे जाते हैं। स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रश्नपत्र विशिष्ठ प्रकृति के होते हैं ऐसे में अलग-अलग प्रश्नपत्र कराना ही उचित होगा। स्नातकोत्तर के प्रश्नपत्रों को दो समूह में बांटा जा सकता है। जिसमें एक समूह में 35-35 के सात प्रश्न होंगे, जिसमें से छात्र कोई दो प्रश्न हल सकते हैं। दूसरे समय में 30-30 अंकों के तीन प्रश्न होंगे, जिसमें से छात्र कोई एक प्रश्न हल कर सकेंगे। इन सभी का पूर्णांक 100 अंकों का होगा।

साहित्यिक विषयों के प्रश्नपत्र तीन समूह में बांटे
साहित्यिक विषयों जैसे अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत, फारसी आदि से संबंधित स्नातक और स्नातकोत्तर प्रश्नपत्रों को तीन समूह में बांटा गया है जिसमें प्रथम समूह में पाठ्य पुस्तक से संबंधित गद्यांस और पद्यासों में से एक की व्याख्या करनी होगी, जिसमें 35 अंक निर्धारित किए गए हैं। द्वितीय समूह में दो दीर्घ प्रश्न होंगे, जिसमें से कोई एक प्रश्न हल करना होगा। समूह तीन में तीन लघु उत्तरीय प्रश्न या 20 बहुविकल्पीय हल करने होंगे। जिनके 30 अंक निर्धारित किए गए हैं।

संबंधित समाचार