बरेली: असत्यापित कांटे डिलीवरी ब्वॉय के पास, मार रहे गोदामों पर छापा
बरेली, अमृत विचार। पिछले चार दिन से विधिक माप विज्ञान विभाग के अधिकारी गैस गोदामों की खाक छान रहे हैं। इधर, सिलेंडर की होम डिलीवरी करने वालों से एजेंसी संचालक खेल करवा रहे हैं। डिलीवरी ब्वॉय को असत्यापित कांटे दिए गए हैं तो कईयों को एजेंसी ने कांटे दिए ही नहीं हैं। शुक्रवार को अमृत …
बरेली, अमृत विचार। पिछले चार दिन से विधिक माप विज्ञान विभाग के अधिकारी गैस गोदामों की खाक छान रहे हैं। इधर, सिलेंडर की होम डिलीवरी करने वालों से एजेंसी संचालक खेल करवा रहे हैं। डिलीवरी ब्वॉय को असत्यापित कांटे दिए गए हैं तो कईयों को एजेंसी ने कांटे दिए ही नहीं हैं। शुक्रवार को अमृत विचार की टीम ने पड़ताल की तो अनियमितताएं खुलकर सामने आईं।
संजय नगर में वनिका भारत गैस एजेंसी के सिलेंडर लादकर डिलीवरी के लिए लेकर जा रहे हॉकर से कांटे के बारे में पूछा तो उसके पास कांटा तो था लेकिन उसके सत्यापन की तिथि फरवरी में ही खत्म हो चुकी थी। चार माह से वो असत्यापित कांटा ही लेकर घूम रहा है। पीलीभीत बाईपास रोड पर मौजूद लता गैस एजेंसी के डिलीवरी ब्वॉय के पास कांटे का सत्यापन प्रमाण पत्र ही मौजूद नहीं था। पूछने पर उसने बताया कि प्रमाण पत्र एजेंसी में है। मैडम ने देने से मना किया है।
आनन-फानन में कराए सत्यापन
पड़ताल में सामने आया कि सिलेंडरों में घटतौली का मामला उठने व सिद्धी विनायक एजेंसी पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई एजेंसी संचालकों ने आनन-फानन में कांटों का सत्यापन कराया है। सिद्धि विनायक समेत अन्य एजेंसियों ने अपने कांटों का सत्यापन कराया या फिर डिलिवरी करने वाले हॉकर्स को नए कांटे खरीदकर दिए। यानी कहा जा सकता है कि घटतौली पकड़े जाने से पहले जमकर असत्यापित कांटों से ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर तौलकर दिए जा रहे थे।
आखिरकार भाजपा नेता की सिद्धी विनायक गैस एजेंसी पर पहुंची टीम
फजीहत होने के बाद आखिरकार विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम शुक्रवार को रजऊ परसपुर स्थित सिद्धी विनायक गैस एजेंसी के गोदाम पर पहुंची। हालांकि, टीम को यहां कुछ मिला नहीं। जबकि, इसी गोदाम का हॉकर घटतौली में पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, क्योंकि एजेंसी भाजपा नेता की है। इसलिए अधिकारी भी हाथ रखने से कतरा रहे थे।
शुक्रवार को सिद्धि विनायक एजेंसी का निरीक्षण किया गया। घटतौली करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कोरोना की वजह से बहुत सारे लोग कांटों का सत्यापन नहीं करा पाए हैं। -मनोज, सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान संभाग
