लखनऊ: कनेक्शन कटा, बत्ती गुल, सरकारी विद्यालय बन गये स्मार्ट, सारे दावे हुए हवा हवाई
लखनऊ। कनेक्शन कटा और बत्ती गुल, शिक्षक काम करने की बजाय पसीना पोछते नजर आ रहे हैं, ये हालात बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित राजधानी के सरकारी विद्यालयों के हैं। इस स्थित में ये विद्यालय कैसे स्मार्ट बनेंगे इस बारे में जिम्मेदार अधिकारी ही जवाब दे सकते हैं। राजधानी के सैकड़ो ऐसे सरकारी …
लखनऊ। कनेक्शन कटा और बत्ती गुल, शिक्षक काम करने की बजाय पसीना पोछते नजर आ रहे हैं, ये हालात बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित राजधानी के सरकारी विद्यालयों के हैं। इस स्थित में ये विद्यालय कैसे स्मार्ट बनेंगे इस बारे में जिम्मेदार अधिकारी ही जवाब दे सकते हैं। राजधानी के सैकड़ो ऐसे सरकारी विद्यालय हैं जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहीं इंटरनेट की व्यवस्था भी कोसो दूर है। इस भीषण गर्मी में शिक्षक हाथ के बने पंखे का इस्तेमाल कर रहे हैं, और काम कम पसीना ज्यादा पोछने को मजबूर हो रहे हैं।
अब राजधानी का ये हाल है तो अन्य जिलो में क्या हाल होगा ये जिम्मेदार अधिकारी ही बता सकते हैं। इस संबंध में शिक्षकों का कहना है कि वर्षों बाद इस सरकार में बिजली कनेक्शन हुए लेकिन बिल समय से न जमा होने पर कनेक्शन काट दिए गये हैं। वहीं ब्लाकों में तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि काफी संख्या में विद्यालय ऐसे हैं जहा कनेक्शन जुड़ने के बाद बिजली का बिल न जमा होने से काट दिया गया है।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले विद्यालयों का बिल कैसे जमा होगा ये तो स्थिति साफ है, लेकिन नगर क्षेत्र के विद्यालयों का बिल कौन जमा करेगा इस बारे में कोई आदेश नहीं है, ऐसे में लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, हरदोई, लखीमपुर, उन्नाव, रायबरेली समेत तमाम ऐसे जिले हैं जिनके नगर क्षेत्र के विद्यालयों में कहीं कनेक्शन नहीं है, और जहां कनेक्शन हैं वहा बिजली का बिल नही जमा हुआ था इसलिए कनेक्शन काट दिए गये हैं।
कनेक्शन कटा फिर भी बिल बढ़ गया चार हजार
राजधानी के जोन वन में आने वाले प्राथमिक विद्यालय किला मोहम्मदी में तो कनेक्शन बिल न जमा होने काट दिया गया है। इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाध्यपक सुमन पाण्डेय ने बताया यहां बिजली का बिल न जमा हो पाने के कारण कनेक्शन काट दिया गया था, उन्होंने बताया कि जब कनेक्शन कटा था तब 6 हजार बिल था और कनेक्शन कटने के बाद भी बिल बढ़कर 10 हजार हो गया है।
इंटरनेट और टैबलेट के दावे भी हवा हवाई
वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा और टैबलेट वितरण योजना भी फ्लाप साबित होती दिख रही है। इस स्थिति में शिक्षक बच्चों को आनलाइन शिक्षा कैसे प्रदान करेंगे ये समझ से परे है।
डीजी को 28 हजार स्कूलों के बारे में मिली थी जानकारी
वर्ष 2020 में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से स्कूलों से रिपोर्ट मंगवाई थी, रिपोर्ट की समीक्षा में पाया गया कि उत्तर प्रदेश के 28 हजार से ज्यादा ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं है। लेकिन यहां भी कनेक्शन पूरे नहीं हुए जहां हुए भी वहां बिल नहीं जमा हो सका।
पिछले साल अक्टूबर में कराने थे कनेक्शन
बीते वर्ष निदेशक ने 15 अक्टूबर तक बिजली कनेक्शन कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक सभी स्कूलों में कनेक्शन नहीं हो पाये हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के चलते कनेक्शन नहीं कराये जा सके हैं।
राजधानी के इन स्कूलों का कटा कनेक्शन
- प्राथमिक विद्यालय किला मोहम्मदी जोन
- प्राथमिक विद्यालय रस्सी बटान
- प्राथमिक विद्यालय रहीम नगर प्रथम
- प्राथमिक विद्यालय वजीरगंज
- प्राथमिक विद्यालय भेड़ी मंडी
- प्राथमिक विद्यालय लोकमान्य गंज
- प्राथमिक विद्यालय निराला नगर
राजधानी के नगर क्षेत्र में स्कूलों का बिल शिक्षा विभाग के बजट से जमा किया जाना है, वहीं ग्रामीण में ग्राम पंचायत स्तर पर बिल जमा करने का प्रावधान है। जहां-जहां बिजली कटी है इस संबंध में बीईओ से रिपोर्ट मांगी जायेगी।
