मुआवजा पाने को लोगों ने किए फर्जी आवेदन, सत्यापन में खुली पोल, 50 फीसदी आवेदन खारिज

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने चक्रवात से हुए नुकसान की भरपाई के वास्ते मुआवाजा के लिए किए गए 50 फीसदी आवेदनों को ‘फर्जी’ पाया है और उन्हें खारिज कर दिया है। जिला अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान ये आवेदन ‘फर्जी’ पाए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार …

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने चक्रवात से हुए नुकसान की भरपाई के वास्ते मुआवाजा के लिए किए गए 50 फीसदी आवेदनों को ‘फर्जी’ पाया है और उन्हें खारिज कर दिया है। जिला अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान ये आवेदन ‘फर्जी’ पाए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार को पिछले महीने अपने द्वार त्राण (द्वार पर राहत) कार्यक्रम के तहत स्थापित किए गए शिविरों में कम से कम 3,81,774 आवेदन मिले थे।

अधिकारी ने बताया, “ सभी आवेदनों का 18 से 30 जून के बीच किए गए सत्यापन के बाद, कम से कम 1,86,815 आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। ये आवेदन मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी या शहरी स्थानीय निकाय के प्रमुखों द्वारा खारिज किए गए हैं, क्योंकि वे फर्जी पाए गए हैं।” चक्रवात यास मई में पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आया था। इसने काफी तबाही मचाई थी, खासकर तटीय क्षेत्रों में हैं।

दक्षिण 24 परगना जिले से दायर 1,62,586 आवेदनों में से 75,773 को खारिज कर दिया गया। इसी तरह पूर्वी मिदनापुर के 1,17,654 नमूनों में से 72,878 नमूनों को खारिज किया गया है। अधिकारी ने बताया, “ हमने पाया कि नंदीग्राम- प्रथम खंड से दायर 14,000 आवेदनों में से 12,000 फर्जी हैं। एगरा द्वितीय के 6,874 में से सिर्फ 52 आवेदन ही वास्तविक पाए गए।”

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