बरेली: भाजपा नेता को बचा गए अधिकारी, रिपोर्ट भी ठंडे बस्ते में डाली

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बरेली, अमृत विचार। भाजपा के महानगर महामंत्री अधीर सक्सेना की श्रीसिद्धि विनायक गैस एजेंसी के सिलेंडर में बड़े स्तर पर घटतौली पकड़े जाने के बाद भी पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारी शांत बैठे हैं। पुलिस ने न कोई विवेचना की और न ही कोई कार्रवाई। यही नहीं, भाजपा नेता का नाम तक केस में …

बरेली, अमृत विचार। भाजपा के महानगर महामंत्री अधीर सक्सेना की श्रीसिद्धि विनायक गैस एजेंसी के सिलेंडर में बड़े स्तर पर घटतौली पकड़े जाने के बाद भी पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारी शांत बैठे हैं। पुलिस ने न कोई विवेचना की और न ही कोई कार्रवाई। यही नहीं, भाजपा नेता का नाम तक केस में नहीं जोड़ा।

स्थिति देखकर यही लग रहा है कि सत्ता के दबाव में पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारी भाजपा नेता को बचा ले गए। पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी पुलिस के पाले में गेंद फेंककर पल्ला झाड़ रहे हैं। माप विधिक विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने जांच के नाम पर कई दिनों तक एजेंसियों की जांच की लेकिन गड़बड़ी नहीं पकड़ पाए।

पिछले दिनों बारादरी पुलिस ने फाइक इंक्लेव निवासी मोईन खान की शिकायत पर श्री सिद्धिविनायक गैस सर्विस के सिलेंडरों में घटतौली पकड़ी थी। मैक्स गाड़ी में भरे सभी सिलेंडरों में ढाई से 4 किलो तक गैस कम थी। गैस एजेंसी भाजपा के महानगर महामंत्री अधीर सक्सेना की थी। पुलिस ने मौके से गैस सिलेंडर भरी गाड़ी व चार कर्मचारियों को पकड़ा था। इसमें एक खुद को हॉकर बता रहा था। दूसरा श्री सिद्धि विनायक इंडेन गैस सर्विस का मैनेजर और तीसरा ड्राइवर था।

भाजपा नेता की गैस एजेंसी होने के बाद पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीमे भाजपा नेता को बचाने में लग गईं। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद आपूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने एजेंसी मैनेजर दिनेश कुमार और राजेन्द्र ,वाहन चालक उपकार सक्सेना, हेल्पर अमर सिंह, डिलीवरी मैन सुबोध के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गैस एजेंसी को भी आरोपी की श्रेणी में रखा था मगर अभी तक पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।

शासन तक पहुंचा था मामला
भाजपा नेता की गैस एजेंसी पर घटतौली का मामला जब मीडिया में आया तो शासन तक उसकी गूंज पहुंची थी। शासन ने प्रशासन से जानकारी ली थी। डीएम नितीश कुमार ने जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी को इस मामले में नियम के मुताबिक कार्रवाई के लिए कहा था। जिसके बाद श्री सिद्धि विनायक इंडेन गैस सर्विस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई थी। दो मैनेजर, हॉकर, हेल्पर और ड्राइवर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कराने की तहरीर दी जिस पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के प्रावधान
इस अधिनियम की धारा 7(1) ए (1) के तहत कानून उल्लंघन पर तीन महीने से एक साल तक की सजा का प्रावधान है। धारा 7(1) ए (2) में जमाखोरी, मुनाफाखोरी, कालाबाजारी आदि में सात साल तक जेल या जुर्माना या दोनों हो सकता है।

विधिक माप विज्ञान की टीमों ने भी की खानापूर्ति
गैस एजेंसी पर घटतौली का मामला सामने आने के बाद विधिक माप विज्ञान की टीम को छापेमारी की अचानक याद आ गई। दिखावे के लिए तीन दिन तक अभियान चलाकर खानपूर्ति की। इन तीन दिनों के अभियान में सिर्फ देहात क्षेत्र में चेकिंग की गई। जबकि, शहर में किसी भी बड़ी गैस एजेंसी पर छापेमारी नहीं की गई। उसके बाद अभियान खत्म होने के बाद अगले दिन सिद्धि विनायक एजेंसी का निरीक्षण किया जिसमें सब कुछ सही दर्शा दिया गया। सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान संभाग मनोज ने बताया कि टीमों का गठन कर दिया गया है। अब अभियान फिर शुरू किया जाएगा। अभी तक कोरोना की वजह से अभियान ठप पड़ा था।

क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि हमारी तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। लाइसेंस निरस्त करने का काम हमारे विभाग का नहीं है। इण्डियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईयूसी) विभाग का है।

बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मालिक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा उसे गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

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