बरेली: मलिन बस्तियां संचारी रोग अभियान से वंचित
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग भले ही लाख दावे करता हो कि मलिन बस्ती और झुग्गी झोपड़ियों में बसे लोगों तक स्वास्थ्य की सभी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इसके इतर है। जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 11 विभाग के सहयोग से अभियान चलाया जा रहा है। आशा, …
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग भले ही लाख दावे करता हो कि मलिन बस्ती और झुग्गी झोपड़ियों में बसे लोगों तक स्वास्थ्य की सभी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इसके इतर है। जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 11 विभाग के सहयोग से अभियान चलाया जा रहा है।
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा मलिन बस्तियों का नियमित दौरा नहीं किए जाने से यहां रहने वाले आज भी स्वास्थ्य की प्रमुख योजनाओं और अभियान से अनजान हैं। मलिन बस्तियों के निवासियों का कहना है कि छिड़काव नहीं होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है।
दरअसल स्वास्थ्य विभाग एक जुलाई से संचारी नियंत्रण रोग अभियान पखवाड़ा चलाया जा रहा है। मंगलवार को शहर की मलिन बस्तियों और झुग्गी झोपड़ियों की पड़ताल की गई तो यहां रहने वाले लोग संचारी पखवाड़े से अनजान दिखे। जानकारी करने पर पता चला कि उनकी बस्तियों में पिछले दो-तीन माह से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पहुंची ही नहीं।
बता दें कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस, संचारी एवं गैर संचारी रोगों के विषय में आशा कार्यकत्रियों द्वारा जानकारी दी जाती है। इसके लिए महिला आरोग्य समिति भी होती है। लेकिन इसके बावजूद अभियान के बारे में जानकारी नहीं होना कहीं न कहीं विभाग द्वारा चलाए जाने वाले अभियान पर प्रश्न चिह्न खड़े करता है।
जिले में करीब 85 मलिन बस्तियां हैं, जहां करीब 2000 से अधिक लोग रहते है। इनमें करीब 500 से अधिक बच्चे भी हैं। सैदपुर हाकिंस में रहने वाले इमरान ने बताया कि उनकी बस्ती में पिछले छह माह से कोई आशा नहीं आई है। रुबेला, काला ज्वर आदि के टीके के बारे में पूछने पर लोगों ने कहा कि जानकारी नहीं है।
जबकि बाकरगंज के मोहम्मद आलम ने बताया कि उनकी बस्ती में आज भी सामान्य प्रसव दाई ही कराती है। वहीं नवजात की तबियत खराब होने पर उसे झोलाछाप के पास ले जाते हैं। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि गांवों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। मलेरिया, डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है। मलिन बस्तियों में भी जल्द अभियान चलाया जाएगा।
यह हैं मलिन बस्तियां
- टियूलिया,
- परसाखेड़ा गौटिया,
- नदौसी,
- बंडिया,
- बंडिया गौटिया,
- हैदराबाद खड़ौआ,
- खलीलपुर प्रथम, द्वितीय,
- जौहरपुर,
- महेशपुर अटरिया,
- बिधौलिया,
- रोठा मिल्क,
- पस्तौर,
- भगवंतापुर,
- गोविंदापुर,
- बाकरनगर सुंदरासी,
- सनैयारानी,
- सनौआ,
- सैदपुर हाकिंस,
- रामलीला गौटिया,
- मठ कमल नैनपुर,
- मठ लक्ष्मीपुर,
- महलऊ,
- परतापुर चौधरी,
- शहपुरा,
- फरीदापुर गौटिया,
- फरीदापुर चौधरी,
- शिकारपुर,
- सिठौरा,
- सनैयाधान सिंह,
- गणेशनगर,
- बंशीनगला,
- शांतिविहार,
- सुभाषनगर,
- राजीव कॉलोनी,
- तिलक कॉलोनी,
- हुसैनबाग,
- कटघर,
- बाकरगंज,
- चौपलागिहार बस्ती,
- किशोर बाजार,
- कोट,
- फखरुद्दीन अली अहमद,
- चक महमूद,
- चक महमूदनगर,
- हजियापुर,
- अंबेड़करनगर हजियापुर,
- सकलैन नगर,
- खुर्रम गौटिया,
- कटरा चांद खां
- नवादा शेखान,
- राजीवनगर
- गुलाबवाड़ी,
- आजादनगर,
- राजनगर,
- नगरिया परीक्षित,
- संतनगर वाल्मीकि बस्ती,
- गायत्रीनगर,
- कंजादापुर,
- विहारमान नगला प्रथम,
- परतापुर जीवन सहाय,
- छोटी विहार,
- गौटिया शेर अली,
- हरूनगला,
- एजाजनगर गौटिया,
- बुखारपुरा,
- जाटवपुरा,
- गंगापुर वाल्मीकि बस्ती,
- माधोबाड़ी वाल्मीकि बस्ती,
- संजय नगर,
- जोगी नवादा,
- डेलापीर,
- प्यारे लाल कॉलोनी,
- इंद्रानगर वाल्मीकि बस्ती,
- अंबेडकर उदयपुर खास,
- रफियाबाद,
- मुरावपुरा,
- तालाब चौधरी,
- सुर्खा,
- मौलानगर,
- बानखाना,
- बागगुद्दड,
- छावनी अशरफ खां,
- बांके की छावनी,
- बजरिया संदल खां
मलिन बस्तियों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों लोगों को टीकाकरण, परिवार नियोजन और संचारी रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही इन बस्तियों में आशा और एएनएम की पहुंच भी बढ़ाई जाएगी। – डा. एसके गर्ग, सीएमओ
