लखनऊ: वीसी की सख्ती के बाद भी एलडीए बना दलालों का अड्डा! ऐसे होती है वसूली

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश की सख्ती के कुछ महीनों बाद ही लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर दलालों की मंडी बन गया है। सम्पत्ति कार्यालय हो या फिर प्रवर्तन जोन यहां दिन भर दलालों का जमावड़ा लगता है। खास बात यह है कि ये लोग दिन भर क्षेत्रों में एलडीए के प्रवर्तन विभाग के अभियंता …

लखनऊ। उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश की सख्ती के कुछ महीनों बाद ही लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर दलालों की मंडी बन गया है। सम्पत्ति कार्यालय हो या फिर प्रवर्तन जोन यहां दिन भर दलालों का जमावड़ा लगता है। खास बात यह है कि ये लोग दिन भर क्षेत्रों में एलडीए के प्रवर्तन विभाग के अभियंता और कर्मचारी बनकर अवैध निर्माण ढूंढते हैं। इसके बाद अभियंताओं और आवंटियों से अवैध वसूली मांगते हैं। वसूली ना देने पर ये अधिकारियों से लिखित शिकायत कर काम बंद करवा देते हैं। इनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि अवैध निर्माण की सूचना इन्हें एलडीए के कर्मचारी और अभियंताओं से पहले ही हो जाती है।

प्रवर्तन के कुछ अभियंताओं के भी ये चहेते हैं और साथ में उठना बैठना भी रहता है। जिससे ये बेखौफ होकर अवैध निर्माण के नाम पर आवंटियों से लेकर अभियंताओं को ब्लैकमेल कर मोटी वसूली करते हैं। यही हाल सम्पत्ति कार्यालय का भी है। दलालों का यहां बेखौफ आना-जाना है। कुछ महीने पहले उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश ने एलडीए में भ्रष्टाचार और भूखंडों में फर्जीवाड़े की शिकायत पर छापेमारी कर सम्पत्ति कार्यालय में दलालों को पकड़ा था।

इसके बाद ऐसे लोगों पर निगरानी के लिए कई जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। साथ ही बाहरी लोगों के कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाने के साथ कर्मचारियों की पहचान के लिए नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। कुछ महीने बीतने के बाद ही सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गयी हैं और एक बार फिर एलडीए कार्यालय अपने पुराने स्वरूप में लौट आया है।

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