किसानों की मुश्किलें आसान करेगा ग्रीनसेट इनोवेशन एप, जानें इसके फायदे
लखनऊ। देश की अग्रणी एग्रीटेक कंपनी ग्रीनसेट इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्रामीण विकास ट्रस्ट और इनोवेशन आधारित स्टार्टअप इंडियाहब ई-गवर्नेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक एमओयू साइन किया है। यह स्टार्टअप ग्रीनसेट इनोवेशन के उपक्रम स्मार्ट एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के साथ बतौर टेक्नोलॉजी पार्टनर जुड़ेगा। कंपनी का दावा है कि इस उपक्रम के …
लखनऊ। देश की अग्रणी एग्रीटेक कंपनी ग्रीनसेट इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्रामीण विकास ट्रस्ट और इनोवेशन आधारित स्टार्टअप इंडियाहब ई-गवर्नेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक एमओयू साइन किया है। यह स्टार्टअप ग्रीनसेट इनोवेशन के उपक्रम स्मार्ट एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के साथ बतौर टेक्नोलॉजी पार्टनर जुड़ेगा।
कंपनी का दावा है कि इस उपक्रम के तहत ग्रीनसेट इनोवेशन ऐप किसानों के लिए खेती को बैंकिंग और बाजार से जोड़ने के साथ-साथ फसलों के उत्पादों का बीमा करने में भी सहयोग करेगी। साथ में, यह सीधे नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज से जुड़ने की सुविधा भी देगी, जहां आगे जाकर किसानों को न सिर्फ बाजार से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा बल्कि बड़े एफपीओ के लिए यह एक कमोडिटी ट्रेडिंग प्लेटफार्म भी मुहैया करवाएगी।
ग्रीनसेट इनोवेशन लैब्स के संस्थापक दीपक यादव ने शुक्रवार को बताया कि 2021-22 के लिए परियोजना का आकार 100 एफपीओ रखा गया है, जिसका लक्ष्य हर साल 500 एफपीओ को अपने साथ जोड़ना है। 10 हजार से ज्यादा किसान इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़ चुके हैं जबकि अगले साल मार्च तक पांच लाख किसानों को साथ में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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उन्होने बताया कि “ ग्रीनसेट के जरिए हमारा फोकस टेक्नोलॉजी और डाटा की क्षमता का इस्तेमाल करने पर है, जो किसानों को नए समाधान उपलब्ध करवाए। हम मानते हैं कि टेक्नोलॉजी एक गेम चेंजर है, जो कृषि में क्रांति ला सकती है। कृषि के रास्ते में दशकों से जमी हुई बाधाओं को हटा सकती है। यह पार्टनरशिप हमारी लगन का परिणाम है, जिसके तहत हम किसानों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां उन्हें मिलेगी सूचना, आर्थिक और बीमा से जुड़ी मदद ताकि वे अपने उत्पादों को बाजार में रख सकें। ”
यादव ने कहा कि ग्रामीण विकास ट्रस्ट का ट्रेक रिकार्ड ग्रामीण कल्याण परियोजनाओं में शानदार रहा है जबकि इंडियाहब का जज्बा भी बेहतरीन है जिसके चलते कंपनी बेहतर तकनीक के जरिए किसानों के लिए स्थिर समाधान उपलब्ध करवायेगी। उम्मीद है कि किसानों को उनकी सभी जरूरतों के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाकर हम कृषि में क्रांति लाएंगे।
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उन्होने कहा कि कंपनी का लक्ष्य आत्मनिर्भर किसान स्मार्ट एफपीओ मॉडल विकसित करना है, जो आज के समय में किसानों को होने वाली चार मुख्य समस्याओं जैसे फसल प्रबंधन, पूंजी, फसल बीमा की सुनिश्चितता और फसल बिक्री के दौरान आने वाली दिक्कतों को आसान तकनीक के जरिए सामने लाए, जिसकी कीमत भी कम हो। इन समस्याओं के बारे में ग्रीनसेट इनोवेशन के तकनीक आधारित समाधानों के जरिए बात होगी, जिसमें खेती से जुड़ी स्पष्ट सेवाएं और फेसलेस एग्री-बैंकर कंसेप्ट शामिल है।
ग्रामीण विकास ट्रस्ट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शिव शंकर सिंह ने कहा, “ तकनीक की ताकत खुद किसानों के दरवाजे पहुंचेगी। किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के साथ आर्थिक और बाजार संबंधित मदद एक ही प्लेटफार्म पर मुहैया होगी जिससे ग्रामीण समुदायों में बदलाव आएगा।” प्रोजेक्ट शुरुआत में हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल, जम्मू एंड कश्मीर और नगालैंड में काम शुरू करेगा।
