बरेली: कनेक्शन कटाने के बाद भी भेजा डेढ़ लाख का बिल
बरेली, अमृत विचार। विद्युत विभाग के जाल में एक उपभोक्ता ऐसा फंसा कि कनेक्शन कटवाने के बाद भी विभाग ने उस पर लाखों रुपए की बकाया रकम निकाल दी। उपभोक्ता के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। उपभोक्ता ने जब अधिकारियों के चक्कर काटे तो उसकी एक नहीं सुनी। अब वह उपभोक्ता …
बरेली, अमृत विचार। विद्युत विभाग के जाल में एक उपभोक्ता ऐसा फंसा कि कनेक्शन कटवाने के बाद भी विभाग ने उस पर लाखों रुपए की बकाया रकम निकाल दी। उपभोक्ता के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।
उपभोक्ता ने जब अधिकारियों के चक्कर काटे तो उसकी एक नहीं सुनी। अब वह उपभोक्ता फोरम में जाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उन्होंने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है।
गांधीनगर निवासी बुजुर्ग अनिल साहनी की गांधीनगर रोड पर ही इलेक्ट्रिक सामान रिपेयरिंग की दुकान थी। वर्ष 2010 में दुकान बंद कर दी। 2014 में उन्होंने बिजली कनेक्शन कटवाने के लिए विभाग में आवेदन किया जिस पर उनका कनेक्शन भी काट दिया गया।
उन्होंने बिल की बकाया राशि जमा कर दी लेकिन 2016 में विद्युत निगम की ओर से उनके खिलाफ बकाया रकम को लेकर रिपोर्ट दर्ज करा दी जिसमें कहा कि उन्होंने बीते कई सालों से अपना बिजली बिल जमा नहीं किया है जब वह कनेक्शन कटवाने के कागज लेकर अधिशासी अभियंता तृतीय अनुज गुप्ता से मिले तो उनकी रिपोर्ट वापस ली गई। बावजूद खेल यहीं खत्म नहीं हुआ।
2021 में अनिल साहनी की आरसी काटकर उन पर 1,35,000 रुपये बिल बकाया बताया गया। आरोप है कि अनिल साहनी जब दोबारा अधिशासी अभियंता से मिले तो उनके ऑफिस के एक बाबू ने रिश्वत मांगी। आरोप है कि इस दौरान बाबू ने अभद्रता व गाली-गलौज भी की। बिजली निगम के अधिकारियों से तंग आकर अब उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी है। साथ ही उपभोक्ता फोरम में भी मामला ले जाकर 4,90,000 रुपये क्षतिपूर्ति भत्ता मांगा है।
बाबू पर लगाया मारपीट का आरोप
पीड़ित ने बताया कि विद्युत निगम की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट को खत्म करने के बाद भी उनकी आरसी काटकर उन्हें 1 लाख 35 हजार रुपये का बकाया बिल भेज दिया। जिसके बाद वह शिकायत करने अधिशासी अभियंता के कार्यालय में गए तो उनके साथ ऑफिस के बाबू ने रिश्वत की मांग की। विरोध पर उनके साथ मारपीट की गई।
मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।-अनुज गुप्ता, अधिशासी अभियंता तृतीय
