यूपी: मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हुई तेज, आधा दर्जन मंत्रियों के जा सकते हैं पद!
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल का विस्तार चार दिन में होने की संभावना है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन की ओर से केंद्रीय नेतृत्व को नाम दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में करीब आधा दर्जन मंत्री हटाए जा सकते हैं। करीब डेढ़ दर्जन नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। …
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल का विस्तार चार दिन में होने की संभावना है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन की ओर से केंद्रीय नेतृत्व को नाम दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में करीब आधा दर्जन मंत्री हटाए जा सकते हैं। करीब डेढ़ दर्जन नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए हर जाति का एक मंत्री बनाने की तैयारी चल रही हैं। प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें फिर तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार में जल्दी ही मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना है। उसको लेकर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से दिल्ली में मुलाकात की है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर मिलने पहुंचे। बताया जा रहा है कि प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई है। उसके अलावा संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विधान परिषद के लिए जिन एमएलसी को नामित किया जाना है, उन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में डेढ़ दर्जन लोगों को शामिल किया जाना है, उसको लेकर लगभग चर्चा पूरी हो चुकी है।
केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से अगले कुछ दिनों में जवाब दिया जाएगा, उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और ये विशुद्ध रूप से राजनीतिक रहने वाला है। प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। योगी मंत्रिमंडल विस्तार में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है। योगी मंत्रिमंडल में अभी 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं। यानी कि, मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। कैबिनेट में अभी छह मंत्री पद खाली हैं।
यदि योगी सरकार किसी मंत्री को नहीं हटाती है तो सिर्फ छह नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा भी है कि कई मंत्रियों को हटाया जा सकता है। योगी सरकार का 19 मार्च 2017 को गठन हुआ था, जिसके बाद पहल मंत्रिमंडल विस्तार 22 अगस्त 2019 को हुआ था। कोरोना काल में तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। कोरोना की दूसरी लहर में राज्यमंत्री विजय कुमार कश्यप की मौत हुई थी। वहीं, पहली लहर में मंत्री चेतन चौहान और मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हुआ था। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में छह स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट की शपथ दिलाई गई थी।
बड़े नेताओं के तय किए जा रहे कार्यक्रम
प्रदेश में केंद्रीय नेताओं के दौरों को लेकर भी चर्चा हुई है। अब अगले हर पखवाड़े में कोई न कोई बड़ा नेता उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दौरे तय किए जा रहे हैं। कई सरकारी योजनाओं के उदघाटन करने भी प्रधानमंत्री प्रदेश के दौरे पर आएंगे। जल्दी ही गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश के दौरे पर आएंगे, उनके कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। बीते सोमवार रात को स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात के दौरान संगठन द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को लेकर रिपोर्ट दी। वहीं आगामी कार्यक्रमों का रोडमैप भी तैयार किया गया।
