बरेली: परास्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षा का समय किया आधा

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बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ने परास्नातक जिसमें प्रमुख रूप से एमएससी की प्रयोगात्मक और मौखिकी परीक्षाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए पूर्व निर्धारित समय को आधा कर दिया गया है। महाविद्यालयों को 19 अगस्त तक प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन अपनी सुविधानुसार असाइनमेंट के माध्यम से कराना होगा …

बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ने परास्नातक जिसमें प्रमुख रूप से एमएससी की प्रयोगात्मक और मौखिकी परीक्षाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए पूर्व निर्धारित समय को आधा कर दिया गया है।

महाविद्यालयों को 19 अगस्त तक प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन अपनी सुविधानुसार असाइनमेंट के माध्यम से कराना होगा और उसके बाद 19 अगस्त को दोपहर 12 बजे तक ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अंक अपलोड करने होंगे। उसके बाद कोई भी अंक स्वीकार नहीं होंगे। इस संबंध में पहले भी निर्देश जारी किए गए थे। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि एमएससी की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर कोई समस्या है तो उसका भी हल निकाला जाएगा।

इस बार परास्नातक की लिखित परीक्षाओं में भी समय तीन घंटे की जगह डेढ़ घंटे किया गया है। इसी आधार पर प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं, हालांकि सभी प्रश्नपत्र कराये जा रहे हैं। लिखित परीक्षा की तरह ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं का समय आधा कर दिया गया है। पहले छह घंटे का समय निर्धारित था। एमएससी की प्रयोगात्मक परीक्षा में छात्रों को प्रयोगशाला में नहीं बुलाया जाएगा। स्नातक की प्रयोगात्तमक व मौखिकी परीक्षा की तरह ही उन्हें असाइनमेंट दिए जाएंगे। सभी असाइनमेंट महाविद्यालयों के शिक्षकों को तैयार करके छात्र को देने होंगे।

बाह्य परीक्षक सिर्फ पांच महाविद्यालयों में जाएंगे
परास्नातक की प्रयोगात्मक व मौखिकी परीक्षा में महाविद्यालय के प्राचार्य बाह्य परीक्षक अन्य महाविद्यालय बुला सकते हैं लेकिन बाह्य परीक्षक सिर्फ पांच महाविद्यालय में ही परीक्षाएं ले सकेगा। इसके लिए उसे लिखित घोषणापत्र भी देना होगा।

प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर विरोध जारी
स्नातक की 24 घंटे में प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों का विरोध जारी है। शिक्षकों का कहना है कि बरेली कॉलेज में एक ही दिन हजारों छात्रों की संख्या को संभालना मुश्किल होगा। उनका कहना है कि जिस तरह से लिखित परीक्षा में अलग-अलग दिन छात्रों को बुलाया जा रहा है, इसी तरह से प्रयोगात्मक परीक्षा में समय दिया जाए। विश्वविद्यालय के द्वारा अभी से ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने की अनुमति दे दी जाए। जिससे शिक्षक अलग-अलग दिन छात्रों के असाइनमेंट जमा कर सकें। रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ जल्द ही एक ऑनलाइन बैठक करेगा और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अनुराग मोहन जल्द ही कुलपति से मुलाकात करेंगे।

प्रयोगात्मक परीक्षा में कम समय क्यों
2.83 लाख छात्रों की लिखित परीक्षा को एक महीने का समय दिया गया है। 15 जुलाई से 14 अगस्त तक परीक्षाओं का आयोजन कराया जा रहा है लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा में छात्रों को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया जा रहा है। एक ही दिन लाखों छात्रों के अंक भी वेबसाइट पर अपलोड करने में दिक्कत हो सकती है।

15 टास्क किसी भी दिन तैयार कर सकते हैं छात्र-कुलपति
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह का कहना है कि स्नातक प्रयोगात्मक परीक्षाओं को शासन के दिशा-निर्देशों के तहत कराया जा रहा है। छात्रों को प्रयोगशाला में नहीं बुलाया जा रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की सूचना पहले से जारी कर दी गई है। इसी के तहत छात्र किसी भी दिन अपने असाइनमेंट के 15 टास्क तैयार कर हल कर सकता है। 15 टास्क शिक्षक को तैयार करके छात्र को देने हैं, इसके लिए उनके पास पर्याप्त समय है। सभी महाविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि टास्क ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध करा सकते हैं। महाविद्यालय अपनी वेबसाइट पर कुछ देर पहले प्रश्नपत्र अपलोड कर सकते हैं।

इसके अलावा वह छात्रों को व्हाट्सएप के माध्यम से भी असाइनमेंट भेज सकते हैं। इससे छात्रों को महाविद्यालय में आना ही नहीं पड़ेगा। इसके अलावा छात्र को 24 घंटे में असाइनमेंट जमा करना है। सभी छात्रों को एक ही समय नहीं बुलाया जा रहा है। शिक्षकों को भी 24 घंटे का समय असाइनमेंट जांचने का समय दिया जा रहा है। पहले भी इतना समय दिया जाता था। एक शिक्षक के हिस्से में अधिकतम 50 से 60 छात्र ही आ रहे हैं। इसके बावजूद भी यदि किसी महाविद्यालय में कोई समस्या है तो इसको लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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