बरेली: बारिश से सब्जियों की फसलों को नुकसान की संभावना
बरेली, अमृत विचार। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। इस वजह से बड़े पैमाने पर सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। जलभराव से लौकी, टमाटर, तोरई, करेला की बेल खेत में अधिक पानी होने के कारण खराब होने लगी है। अरबी की फसल तो पूरी …
बरेली, अमृत विचार। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। इस वजह से बड़े पैमाने पर सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। जलभराव से लौकी, टमाटर, तोरई, करेला की बेल खेत में अधिक पानी होने के कारण खराब होने लगी है। अरबी की फसल तो पूरी तरह से चौपट हो गई, जबकि धनिया और मिर्च को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि पहले तो बारिश हो ही नहीं रही थी और अब हुई तो इतनी अधिक की फसलें खराब होने लगीं। वहीं हाल ही में रोपे गए धान की फसल डूबने से सड़ने की आशंका गहरा गई है।
इधर कृषि विशेषज्ञ विजय चौहान का तर्क है कि सब्जियों के अलावा धान एवं गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। लेकिन तीन से चार दिन तक लगातार बारिश से नुकसान की संभावना भी है। भुता के केसरपुर निवासी मुनेंद्रपाल का कहना है कि दस बीघा में लौकी और तोरई की फसल बो रखी है। बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। फसल के फूल टूट गए हैं और जलभराव के कारण फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
रजपुरा माफी के किसान धर्मेंद्र का कहना है कि खीरा और मिर्च की फसल लगा रखी है। जलभराव के कारण फसल पर आए छोटे-छोटे फूल खराब होने से फसल उत्पादन घटने की संभावना है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में अधिकांश सब्जी की खेती ऊंचे स्थानों पर की जाती है। बारिश से उन्हीं खेतों में नुकसान होने की संभावना रहती है, जहां जलभराव की ज्यादातर संभावना है।
गन्ने को लाल सड़न रोग से मिली राहत
लगातार हो रही बारिश गन्ना किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गन्ने की फसल में जो लाल सड़न रोग और अन्य बीमारी लग रही थी, उससे राहत मिली है। गन्ने की फसल के लिए यह बहुत ही लाभकारी बारिश है। जिन किसानों ने सिंचाई नहीं की थी, वो हरा चारा, ईख या अन्य फसल की बुआई भी कर सकते हैं।
