बरेली: प्रेम विवाह से नाराज चचेरे भाइयों ने सरेराह फाड़े बहन के कपड़े

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बरेली, अमृत विचार। प्रेम विवाह के बाद जान के दुश्मन बने घरवालों से बचाने के लिए विवाहिता ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर मदद की गुहार लगाई है। आरोप लगाया कि उसके चचेरे भाइयों ने थाने जाते वक्त मारपीट की। सरेराह कपड़े फाड़ दिए। स्थानीय पुलिस से लेकर एसएसपी से शिकायत की लेकिन अब तक …

बरेली, अमृत विचार। प्रेम विवाह के बाद जान के दुश्मन बने घरवालों से बचाने के लिए विवाहिता ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर मदद की गुहार लगाई है। आरोप लगाया कि उसके चचेरे भाइयों ने थाने जाते वक्त मारपीट की। सरेराह कपड़े फाड़ दिए। स्थानीय पुलिस से लेकर एसएसपी से शिकायत की लेकिन अब तक न उन्हें सुरक्षा मिली और न ही पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। इधर, प्रेमिका के परिजन लगातार दंपति को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

फरीदपुर थाना क्षेत्र निवासी युवक का पड़ोसी युवती से पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। युवक ने बताया कि युवती उसकी दुकान पर सामान लेने आती थी तभी से दोनों में बातचीत शुरू हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। शादी के लिए घरवालों को मनाया तो उन्होंने विरोध किया। युवती की मां ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी। इसके बाद प्रेमी जोड़े ने बरेली के आर्य समाज मंदिर में भागकर शादी कर ली।

इस पर प्रेमिका के चाचा व चचेरे भाइयों ने प्रेमी के परिजनों पर हमला बोल दिया। मारपीट में युवक के चाचा के काफी चोट आ गईं। इसके बाद दंपति फरीदपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत करने जा रहा थे। इसी बीच आरोपियों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। प्रेमिका के चाचा, चचेरे भाई व अन्य परिजनों ने प्रेमी युगल को मारा-पीटा। प्रेमिका के चचेरे भाइयों ने ही सरेराह युवती के कपड़े फाड़ दिये। किसी तरह उनके चंगुल से बचकर दोनों फरीदपुर थाने पहुंचे जहां भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली और वापस कर दिया गया।

पुलिस बोली-प्रेम विवाह किया तो खुद ही भुगतो
चाचा को अस्पताल ले जाते समय जब प्रेमी-प्रेमिका ने पुलिस से उनकी सुरक्षा की बात कही। आरोप है कि फरीदपुर थाने के दरोगा ने कह दिया कि प्रेम विवाह किया है तो खुद भुगतो, हम कुछ नहीं कर सकते। जिसके बाद प्रेमी युगल को परिजनों ने जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। जिसके बाद वह एसएसपी के पास शिकायत करने पहुंचे जहां से उन्हें एसपीआरए के पास भेज दिया गया। एसपीआरए के पास से पीड़ितों को सीओ के पास और वहां से थाने के लिए भेज दिया गया, लेकिन कहीं भी उनकी मदद नहीं की गई।

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