बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद कमल वैद्य पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से लोगों ने दी अंतिम विदाई
शिमला। जम्मू कश्मीर के पुंछ में बारूदी सुरंग फटने के हादसे में शहीद हुए सेना के जवान कमल वैद्य(27) उनके पैतृक गांव में आज पूर्वाहन राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जवान शव आज सुबह हमीरपुर के एनआईटी के ग्राउड में हेलीकाप्टर से लाया गया जिसके बाद सैन्य वाहन में इसे उनके …
शिमला। जम्मू कश्मीर के पुंछ में बारूदी सुरंग फटने के हादसे में शहीद हुए सेना के जवान कमल वैद्य(27) उनके पैतृक गांव में आज पूर्वाहन राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जवान शव आज सुबह हमीरपुर के एनआईटी के ग्राउड में हेलीकाप्टर से लाया गया जिसके बाद सैन्य वाहन में इसे उनके भाेरंज उपमंडल के घुमारवीं गांव लाया गया।

जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थीं। शहीद कमल वैद्य अपने पीछे माता पिता, बड़ा भाई और दो बहनें छोड़ गए हैं। कमल बैद्य की घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं। इस मौके पर गांववासियों ने शहीद को नमन किया और माहौल भारत माता की जय और शहीद कमल अमर रहे के नारों से गूंजायमान हो गया।
शहीद कमल वैद्य की चिता को उनके भाई देवेंद्र ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी सहित तमाम अधिकारियों ने पार्थिव शरीर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये तथा शहीद के परिजनों को सांत्वना दी।

शहीद के परिवार वालों का कहना था कि कमल वैद्य कुछ माह बाद ही घर आने वाले थे। उनकी घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं। उन्होंने बताया कि कमल को गाने का शौक था और यूट्यूब पर भी गाने गाकर अपलोड करना था। परिजनों का कहना था कि कमल वैद्य की प्रारंभिक शिक्षा लुददर महादेव स्कूल से हुई थी इसलिए स्कूल का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाए। साथ ही घुमारवीं गांव की सड़क पर शहीद के नाम का गेट बनाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी उनके बलिदान को याद रखे।
