बरेली: नौकरी का झांसा देकर ठगी की, पुलिस ने दबोचा और फिर… पीड़ित को ब्लैंक चेक देकर लिखवा लिया समझौता नामा
बरेली, अमृत विचार। रेलवे में टीसी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर महिला से लाखों की ठगी मामले में पुलिस ने आरोपियों से ब्लैंक चेक दिलाकर महिला से समझौता नामा ले लिया है। आरोपी ने परिजनों के सामने ठगी की रकम जुलाई अंत तक देने का आश्वासन दिया है। ठगी के मामले में …
बरेली, अमृत विचार। रेलवे में टीसी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर महिला से लाखों की ठगी मामले में पुलिस ने आरोपियों से ब्लैंक चेक दिलाकर महिला से समझौता नामा ले लिया है। आरोपी ने परिजनों के सामने ठगी की रकम जुलाई अंत तक देने का आश्वासन दिया है। ठगी के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज न कर समझौता करा दिया। जबकि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच करने पर ठगी का बड़ा खुलासा हो सकता था।
शास्त्रीनगर, प्रेमनगर की रहने वाली सीमा तिवारी के साथ उनकी पहचान वाले एक व्यक्ति व उसके दो साथियों ने मिलकर रेलवे में टीसी पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 2.60 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। आरोपियों ने सीमा को लखनऊ ले जाकर फर्जी मेडिकल व कागजी सत्यापन भी करवा दिया था। काफी समय तक नौकरी न मिलने पर उसने आरोपियों पर दबाव बनाया।
इसके बाद जालसाजों ने कोरोना के चलते रेलवे भर्ती बंद होने का हवाला देते हुए उसको आरडब्ल्यूवीएमएसआर मैनेजमेंट (ग्रामीण महिला विकास मिशन) में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। जब वह ज्वाइनिंग लेने पहुंची तब जालसाजों का भंडाफोड़ हुआ। जिसके बाद उसने एक आरोपी को पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया था।
वहीं, हिरासत में लेने के बाद ही आरोपी के परिजन कोतवाली पहुंचे और समझौते की बात सामने रखी। साथ ही आरोपी व उसके परिजनों ने 31 जुलाई तक महिला के रुपये वापस देने की बात कही है। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने महिला से लिखित रूप में समझौता नामा भी ले लिया है।
इंस्पेक्टर, कोतवाली पंकज पंत ने बताया कि मामले में महिला लिखित रूप में समझौतानामा दिया है। जिस पर वह आरोप लगा रही थी। उसके परिजन ने उसे ब्लैंक चेक देकर 31 जुलाई तक हर हाल में रकम वापसी की बात कही है।
