संभल: बंदरों के हमले से घबराकर महिला छत से गिरी, मौत
संभल/असमोली,अमृत विचार। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला अपने पति के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में जाने के लिए घर में तैयार हो रही थी। महिला का पति किसी काम से घर से बाहर गया था। इसी बीच बंदरों का झुंड पहुंचा और महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। बंदारों से बचाव …
संभल/असमोली,अमृत विचार। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला अपने पति के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में जाने के लिए घर में तैयार हो रही थी। महिला का पति किसी काम से घर से बाहर गया था। इसी बीच बंदरों का झुंड पहुंचा और महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। बंदारों से बचाव के लिये महिला भागी तो उसका पैर फिसल गया और वह दूसरी मंजिल से गिर गई।
चीख-पुकार की आवाज सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और महिला को उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। गांव ऐचोड़ा कंबोह निवासी जासमीन (28) पत्नी इमरान रविवार को पति के साथ अपनी रिश्तेदारी में शादी समारोह में जाने के लिए तैयार हो रही थी। इमरान किसी काम से घर से बाहर गया था।
इसी बीच बंदरों का झुंड आया और घर से चने का डिब्बा उठाकर छत पर ले गये। जासमीन डंडा लेकर बंदर का पीछा करते हुये दो मंजिल पर पहुंच गई। छत पर पहले से ही बंदरों का झुंड बैठा था। बंदरों ने जासमीन पर हमला बोल दिया। उसी वक्त एक बंदर कूदकर महिला की पीठ पर बैठ गया गया। बाकी बंदरों के झुंड ने महिला को चारों तरफ से घेर लिया।
डर के मारे घबराकर भागी महिला का पैर फिसल गया और वह दूसरी मंजिल से आंगन में गिर गई। चींख-पुकार की आवाज सुन आसपास के लोग इमरान घर पहुंच गये। लोगों ने घायल महिला को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
एक वर्ष में बंदरों के हमले से दो महिला की मौत, तीन दर्जन से अधिक घायल
असमोली। क्षेत्र के कई गांव में बंदरों ने आतंक फैला रखा है। रविवार को बंदरों के हमले से एचोड़ा कंबोह निवासी महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि दस माह में दो महिलाओं की मौत हुई है। ग्रामीण बंदरों के हमले से परेशान हैं। बंदरों के आतंक से एक वर्ष में तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। लेकिन समाधान नहीं हुआ। पांच महीने पहले भगवानदास की पत्नी ज्वारो देवी घर के आंगन में टीन शेड के नीचे लेटी थीं तभी एक बंदरों का झुंड आया और टीन शेड नीचे गिरा दिया। जिसके नीचे दबकर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। आए दिन हो रहे बंदरों के झुंड के हमले से गांव में दहशत है। ग्रामीणों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बंदरों के डर से लोग छत पर नहीं सो पा रहे हैं।
