गोरखपुर: पुलिस का बड़ा खुलासा, इस वजह से भतीजा ने की थी चाचा की हत्या

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गोरखपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र झगहा के ग्राम जमरु में दिनदहाड़े भतीजा चंद्रकेश ने अपने दोस्त रामनाथ के मदद से अपने सगे चाचा हरिनारायन का गला रेतकर 23 जुलाई को हत्या कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 3 दिन के अंदर भतीजा चंद्रकेश उर्फ लाल जी उर्फ धमाली पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र यादव निवासी जमरू …

गोरखपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र झगहा के ग्राम जमरु में दिनदहाड़े भतीजा चंद्रकेश ने अपने दोस्त रामनाथ के मदद से अपने सगे चाचा हरिनारायन का गला रेतकर 23 जुलाई को हत्या कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 3 दिन के अंदर भतीजा चंद्रकेश उर्फ लाल जी उर्फ धमाली पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र यादव निवासी जमरू थाना झंगहा, दोस्त रामनाथ यादव पुत्र श्यामदेव यादव निवासी हैदराबाद मकरा थाना रौनापार आजमगढ़ को एक अदद चाकू, एक टी-शर्ट, एक मोटर साइकिल के साथ नई बाजार से गिरफ्तार किया।

विरेंद्र यादव और मृतक हरि नारायण यादव (55) सगे भाई थे। हरिनारायण यादव झाड़ फूक का काम करते थे हालांकि, दोनों भाईयों का परिवार गांव में एक साथ ही रहता है। करीब 2 महीने पहले विरेंद्र यादव की सामान्य बीमारी की वजह से मौत हो गई। विरेंद्र की मौत के बाद से ही उनके बेटे चंद्रकेश यादव उर्फ धमाली को अंधविश्वास था कि चाचा हरिनारायण के झाड़ फूक की वजह से ही पिता की मौत हुई थी। झाड़-फूंक और सोखइति टोना टोटका मेरे परिवार वालों के ऊपर कर दिया था। जिससे मेरा दो ट्रक, मेरी कंबाइन मशीन बिक गई तथा मेरी कई भैंस मर गई और इसी के कारण मेरे पिता स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की मृत्यु 26 अप्रैल 2021 को हो गई थी।

पहले तो अंधविश्वास में हरिनारायन के मंत्र को काटने के लिए पांच लाख रुपए देने की बात कही थी। उसी बीच दोस्त रामनाथ यादव रौनापार आजमगढ़ में मुलाकात हुई, वही दोनों ने हरिनारायन को खत्म करने की रणनीति बनाई ।बीते 23 जुलाई को दोनों ने अंधविश्वास पर भरोसा करते हुई अपने सगे चाचा का गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस लाइन वाइट हाउस सभागार में पुलिस अधीक्षक उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी ने प्रेस वार्ता कर उपरोक्त जानकारी दी।

संबंधित समाचार