बरेली: बाकरगंज में नहीं दिखेगा कूड़े का पहाड़, जल्द ही काम करेगा Garbage Plant

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बरेली, अमृत विचार। बाकरगंज डलावघर से कूड़े के पहाड़ हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें छह कंपनियां शामिल हुई हैं। टेंडर खुलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसको लेकर नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। बाकरगंज डलावघर में वर्षों से शहर का सारा कूड़ा फेंका जा …

बरेली, अमृत विचार। बाकरगंज डलावघर से कूड़े के पहाड़ हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें छह कंपनियां शामिल हुई हैं। टेंडर खुलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसको लेकर नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है।

बाकरगंज डलावघर में वर्षों से शहर का सारा कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे यहां कूड़े के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ खड़े हो गए हैं। नगर निगम ने सर्वे कराया था। इसमें करीब सात लाख टन कूड़ा एकत्र होने की बात सामने आई थी। इसमें से करीब 80 फीसदी कूड़ा मिट्टी बन चुका है। आलम यह है कि अब वहां शहर का कूड़ा डालने की भी जगह नहीं बची है। इस कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम ने प्रयास किए हैं।

यहां कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने के लिए मशीनें खरीदने और शेड निर्माण का टेंडर निगम ने कर लिया है। प्लांट के संचालन के लिए कंपनी को आमंत्रित किया जा रहा है। पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए करीब 1.53 करोड़ रुपये की मशीनें नगर निगम खरीद रहा है। इसके लिए मेरठ की कंपनी के साथ अनुबंध भी किया जा चुका है। कंपनी वहां ट्रामल, बेलेस्टिक सेपरेटर, थीठ ग्रेव एसकेवेटर, श्रेडर समेत अन्य मशीनें खरीदकर निगम को देगी।

करीब 60 लाख रुपये खर्च कर वहां शेड बनाया जा रहा है, जिसका टेंडर भी कर दिया गया है। शेड का लेआउट बनाया जा चुका है। जल्द निर्माण शुरू होगा। मशीनों के संचालन के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाकरगंज खड्ड में पड़े लाखों टन कूड़े के निस्तारण के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। शासन के निर्देश पर जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने पुराना कूड़ा निस्तारण के लिए हरी-भरी कंपनी को टेंडर कर दिया है।

नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि बाकरगंज डलावघर में पड़े कूड़े के निस्तारण को स्मार्ट सिटी परियोजना के साथ ही नगर निगम अपने संसाधनों से भी हटाने का प्रयास कर रहा है। मशीनें खरीदने, शेड निर्माण का टेंडर हो चुका है। वहां मशीनों के संचालन के लिए भी टेंडर किए जाएंगे।

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