बरेली: पीलीभीत-सितारगंज राजमार्ग के फोरलेन का कार्य अक्टूबर से होगा शुरू

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बरेली, अमृत विचार। भारतमाला परियोजना के तहत पास हुए बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने का कार्य अक्टूबर तक शुरू हो जाएगा। सोमवार को मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने एनएचएआई के अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर अक्टूबर से कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने …

बरेली, अमृत विचार। भारतमाला परियोजना के तहत पास हुए बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने का कार्य अक्टूबर तक शुरू हो जाएगा। सोमवार को मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने एनएचएआई के अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर अक्टूबर से कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के लिए बरेली के एडीएम वित्त एवं राजस्व को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर औपचारिक कार्यों में तेजी आ सके।

इस राजमार्ग को फोरलेन बनाने में 45.670 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। आठ बाईपास और दो फ्लाईओवर का भी इसमें प्रावधान किया गया है। कमिश्नरी सभागार में हुई बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि एनएचएआई तथा प्रशासन के बीच सहयोग एवं समन्वय के लिए अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। वो नियमित रूप से प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करें और समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कराने में निर्णायक भूमिका निभाएं ताकि किसी भी अड़चन की संभावना समाप्त की जा सके। उच्चाधिकारियों को प्रगति से अवगत भी कराएं। किसी प्रकार की हीला हवाली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई के संकेत दिए। विभिन्न चरणों में होने वाले प्रत्येक कार्य के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें।

फोरलेन की राह में आ रहे हरे पेड़ नहीं कटेंगे, उन्हें स्थानांतरित करें
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि प्रस्तावित कार्य में हरे भरे पेड़ काटने के बजाए स्थानांतरित किए जाएं। कहा कि वर्तमान में जो प्रस्ताव है, उसी प्रस्ताव में कटान या स्थानांतरण का प्रावधान करें ताकि बाद में पेड़ स्थानांतरित करने में समस्या न आए। इसके लिए शीर्ष स्तर पर प्रयास किए जाएं। प्रत्येक दशा में बड़े पुराने पेड़ों को कटान से बचाने के प्रयास करें। बैठक में पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे, प्रभागीय वनाधिकारी भारत लाल, अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

पेड़ों को बचाने को सड़क के एक ओर चौड़ीकरण का सुझाव
वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर ने सुझाव दिया कि इस कार्य के लिए वर्तमान में जो सड़क के दोनों ओर पेड़ लगे हैं, उन्हें काटने या स्थानांतरित करने के बजाए एनएचएआई सड़क के दोनों ओर के बजाए एक ओर ही चौड़ीकरण का कार्य करे, ताकि एक तरफ के पेड़ सुरक्षित रह सकें।

यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने का एक और मार्ग होगा यह
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक 70.870 किलोमीटर का यह राष्ट्रीय राजमार्ग यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने का एक और मार्ग होगा। यह बरेली के नवाबगंज से होते हुए पीलीभीत, अमरिया से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के सितारगंज तक जाएगा।

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