बरेली: मूलधन 2725.52 लाख, ब्याज बन गया 10725.66 लाख रुपए
बरेली, अमृत विचार। व्यावसायिक कारणों के चलते रबर फैक्ट्री बंद होने के करीब 21 साल तक न मुंबई के सेठ किला चंद और न ही जिला प्रशासन ने कोई सुध ली। अनदेखी के चलते रबर फैक्ट्री प्रबंधन पर जो बकाया था, उस बकाए पर ब्याज पर ब्याज चढ़ता चला गया। 1960 में 3.09 लाख रुपए …
बरेली, अमृत विचार। व्यावसायिक कारणों के चलते रबर फैक्ट्री बंद होने के करीब 21 साल तक न मुंबई के सेठ किला चंद और न ही जिला प्रशासन ने कोई सुध ली। अनदेखी के चलते रबर फैक्ट्री प्रबंधन पर जो बकाया था, उस बकाए पर ब्याज पर ब्याज चढ़ता चला गया। 1960 में 3.09 लाख रुपए कीमत वाली रबर फैक्ट्री की भूमि अब 12 अरब रुपए से अधिक कीमत की हो गयी तब से इसकी भूमि पर स्वामित्व को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है।
जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के मार्गदर्शन में यदि फैक्ट्री बंद होने के दौरान भूमि पर पूर्व में हुए समझौता के आधार पर कब्जा ले लिया होता तो ब्याज पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं चढ़ता। अब फैक्ट्री पर वाणिज्यकर विभाग की भी बकाया धनराशि निकली है। 2725.52 लाख रुपए मूलधन था, जिसका अब 10725.66 लाख रुपए का ब्याज बन गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में केस की मजबूत पैरवी करने के लिए जिला प्रशासन हर बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उसमें वाणिज्यकर का बकाया सामने आया है।
इधर, वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट से 24 जुलाई को हुई ऑनलाइन बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिस पर शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा। इधर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि तीन दिन पहले हुई बैठक में केस को मजबूती से लड़ने के लिए हर बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने पर फोकस रहा।
2 सितंबर तक मूलधन जमा करें और 10 फीसद ब्याज माफी पाएं
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार गौतम ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को लिखे पत्र में कहा है कि सिंथेटिक एंड केमिकल्स (रबर फैक्ट्री) के बंद होने के दौरान फर्म पर 2725.52 लाख रुपए की धनराशि बकाया थी। ब्याज लगाकर रकम कई गुना बढ़ गयी। रकम अदा करने और ब्याज माफ कराने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने एक सुझाव भी दिया है कि 3 मार्च 2021 को वाणिज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना शुरू हुई थी जो वर्तमान में भी लागू है। कहा कि पांच करोड़ से अधिक की बकाया धनराशि वाले बकायेदार द्वारा यदि 2 सितंबर, 2021 तक मूलधन बकाये की संपूर्ण धनराशि जमा की जाती है तो उस पर बनने वाले देय ब्याज का 10 फीसद ब्याज माफी का लाभ मिल जाएगा।
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