Karnataka CM: कभी येदियुरप्पा की ‘परछाई’ थे, अब उनकी जगह बोम्मई संभालेंगे कमान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को बसवराज बोम्मई को अपना नया नेता चुन लिया और वह निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की जगह लेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उत्तरी कर्नाटक से आने वाले लिंगायत नेता बोम्मई को कार्यवाहक मुख्यमंत्री का भी समर्थन था। बसवराज बोम्मई पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस आर बोम्मई के पुत्र हैं। …

बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को बसवराज बोम्मई को अपना नया नेता चुन लिया और वह निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की जगह लेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उत्तरी कर्नाटक से आने वाले लिंगायत नेता बोम्मई को कार्यवाहक मुख्यमंत्री का भी समर्थन था। बसवराज बोम्मई पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस आर बोम्मई के पुत्र हैं।

येदियुरप्पा के सबसे करीबी माने जाने वाले और गृहमंत्री सीएम की कुर्सी संभालेंगे। बुधवार की सुबह 11:00 बजे राज्यपाल थावरचंद गहलोत बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। इसके बाद कैबिनेट का विस्तार होगा।

बता दें कि बोम्मई लिंगायत चेहरा हैं और बीजेपी से तीन बार विधायक रहे हैं। लिंगायत समुदाय बीजेपी के ट्रेडिशनल वोटर्स रहे हैं और राज्य में करीब 19% है। खुद येदियुरप्पा के लिंगायत हैं। ऐसे में बीजेपी के सामने लिंगायत को चुनने की चुनौती थी।

Supreme court: बच्चों ने माता-पिता को गंवाया, उनकी पहचान में विलंब बर्दाश्त नहीं

इसके अलावा बोम्मई की छवि साफ है। साथ ही वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के करीबी और चहेते भी हैं। इस वक्त बीजेपी येदियुरप्पा को नाराज करने का रिस्क नहीं उठा सकती, यही कारण है कि येदियुरप्पा के कहे गए नाम पर मोहर लगानी पड़ी। इसे येदियुरप्पा का मास्टरस्ट्रोक कह सकते हैं क्योंकि बोम्मई येदियुरप्पा का मोहरा हैं।

बोम्मई पहले जेडीएस में थे, दो बार एमएलसी रहे। 2008 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और तब से तीन बार विधायक रहे। उनके पिता एस आर बोम्मई भी पहले मुख्यमंत्री रहे हैं और एचडी देवगौड़ा सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। सोमवार को बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद मंगलवार की सुबह कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह और ऑब्जर्वर चुने गए धर्मेंद्र प्रधान और किशन रेड्डी बेंगलुरु पहुंचे। इसके बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई।

सरकार ने चेताया- Covid-19 की धीमी पड़ी रफ्तार लेकिन खतरा अभी टला नहीं

संबंधित समाचार