अपहरण कर युवती से किया सामूहिक दुराचार, पीडिता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
मुरादाबाद,अमृत विचार। भोजपुर थानाक्षेत्र में रहने वाली युवती का तीन लोगों ने तमंचे के बल पर अपहरण कर लिया। पाकबड़ा में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। धमकी देकर वीडियो भी बनाई, जिसमें बहन के ससुर पर दुराचार का आरोप लगवाया गया। बाद में उसे जंगल में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। पीड़िता ने …
मुरादाबाद,अमृत विचार। भोजपुर थानाक्षेत्र में रहने वाली युवती का तीन लोगों ने तमंचे के बल पर अपहरण कर लिया। पाकबड़ा में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। धमकी देकर वीडियो भी बनाई, जिसमें बहन के ससुर पर दुराचार का आरोप लगवाया गया। बाद में उसे जंगल में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। पीड़िता ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में भोजपुर थानाक्षेत्र में रहने वाली युवती का कहना है कि वह 23 जुलाई को घर में अकेली थी। उसके माता-पिता नानी के दफन में गए थे। आरोप है कि इस दौरान कटघर और पाकबड़ा थानाक्षेत्र में रहने वाले तीन लोग जबरन उसके घर में घुस आए। तमंचे के बल पर आरोपियों ने उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद गाड़ी में डालकर उसे पाकबड़ा ले गए और दो लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया।
जंगल में ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर वीडियो बनाई, जिसमें उसे कहलवाया गया कि उसकी बहन के ससुर ने दुराचार किया है। सहमी पीड़िता ने जैसा आरोपियों ने कहा था वैसा ही बोल दिया। आरोप है कि 26 जुलाई को उसका जबरन अंगूठा लगवा कर भोजपुर पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया, जो गलत है।
इसके बाद आरोपी उसे मिलक मोहब्बतपुर मार्ग पर जंगल में छोड़कर फरार हो गए। जाते समय धमकी दी कि किसी से घटना का जिक्र किया तो मुंह पर तेजाब डाल देंगे और पूरे परिवार को जिंदा जला देंगे। पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिवार वालों को आपबीती बताई। इसके बाद एसएसपी पवन कुमार को शिकायती पत्र दिया।
नाबालिग के साथ दुराचार करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा
मुरादाबाद। करीब दो साल पहले सामान लेने गई किशोरी के साथ दुराचार करने वाले आरोपी परचून विक्रेता को कोर्ट ने दोषी माना है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाने के साथ ही करीब एक लाख रुपए का जुर्माना डाला है।
घटना एक जून वर्ष 2019 को कांठ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फकीरगंज में हुई थी। घटना के दिन गांव निवासी एक किसान की नौ साल की बेटी घरेलू सामान लेने के लिए गांव में एक परचून की दुकान में गई थी। बताते हैं कि दुकान स्वामी बिजेंद्र सिंह सामान देने के बहाने उसे दुकान के अंदर ले गया। आरोप है कि आरोपी बिजेंद्र सिंह ने नाबालिग के साथ दुराचार किया। बाद में उसे धमकाते हुए भगा दिया।
घर पहुंचने के बाद नाबालिग ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो सभी के होश उड़ गए। पीड़िता के परिजनों ने इस मामले में बिजेंद्र सिंह के खिलाफ कांठ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद फरार चल रहे आरोपी बिजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। वाद-विवेचना के बाद पुलिस ने पाक्सो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह न होने की बात कहते हुए झूठा फंसाने की दलील दी तो शासकीय अधिवक्ता ने इस अपराध को जघन्य बताया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जज सुभाष सिंह ने आरोपी बिजेंद्र सिंह को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही करीब एक लाख रुपए का जुर्माना भी डाला है।
