राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- सरकार पेगासस पर चर्चा के लिए तैयार हो, फिर चलेगा सदन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की और कहा कि पहले सरकार पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा के लिए तैयार हो, उसके बाद ही संसद की कार्यवाही सुचारू रूप चलेगी और दूसरे मुद्दों पर बात होगी। मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष …

नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की और कहा कि पहले सरकार पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा के लिए तैयार हो, उसके बाद ही संसद की कार्यवाही सुचारू रूप चलेगी और दूसरे मुद्दों पर बात होगी।

मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में कांग्रेस और समान विचार वाले राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न दलों के दोनों सदनों के नेता और सांसद मौजूद रहे। बैठक में खड़गे के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और आनंद शर्मा, द्रमुक के टी आर बालू एवं तिरुची शिवा, शिवसेना के संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रॉय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चव्हाण, नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी और कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए।

इस बैठक के बाद खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, ”हम पेगासस के मुद्दे को महत्वपूर्ण मानते हैं क्योंकि इसमें सभी की जासूसी हो रही है। इजरायल की सरकार ने इस स्पाईवेयर बनाने वाली कंपनी एनएसओ पर छापा मारा। इसके बाद एनएसओ की तरफ से बयान आया कि जिसने पेगासस का इस्तेमाल किया है, उसे इसका उपयोग स्थगित करना चाहिए।

इसका मतलब यह है कि दुनिया के कई देशों में जासूसी चल रही थी और हमारे देश में 2019 से चल रही है।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ”हम चाहते हैं कि इस मामले पर चर्चा हो और सारी चीजें बाहर आए। सरकार की ओर से बार-बार हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि हम संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। यह असत्य है। हम चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहले सरकार तो इस पर चर्चा के लिए तैयार हो।”

उन्होंने बताया, ”बैठक में सभी नेताओं ने एक आवाज में यही कहा है कि पेगासस पर पहले चर्चा हो और फिर सदन दूसरे मुद्दों पर चर्चा हो। पूरा विपक्ष एक होकर इस विषय पर लड़ रहे हैं।” पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है।

19 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा।

इसे भी पढ़ें….

दिल्ली उच्च न्यायालय नए IT नियमों को चुनौती देने वाली फेसबुक, व्हाट्सएप की याचिका पर अगस्त में करेगा सुनवाई

संबंधित समाचार