बाराबंकी: जमीन की लालच में भाई ने बहन को नदी में फेंका, लड़की ने ऐसे बचाई जान
बाराबंकी। बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के घाघरा नदी पर बने संजय सेतु से शुक्रवार की देर रात घर से लखनऊ दवा लाने के बहाने युवती को श्रावस्ती से लाकर नदी में फेंक दिया गया। छह घंटे और पन्द्रह किलोमीटर की दूरी तक युवती नदी के पानी में डुबती और उतराती रही। शनिवार को सुबह …
बाराबंकी। बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के घाघरा नदी पर बने संजय सेतु से शुक्रवार की देर रात घर से लखनऊ दवा लाने के बहाने युवती को श्रावस्ती से लाकर नदी में फेंक दिया गया। छह घंटे और पन्द्रह किलोमीटर की दूरी तक युवती नदी के पानी में डुबती और उतराती रही। शनिवार को सुबह छह थाना टिकैतनगर क्षेत्र के तेलवारी मे पानी में उतरा रही युवती की चीख-पुकार पर नदी के किनारे शौच के लिए गये ग्रामीणों राम विलास, अरविंद चौहान, पूरनजीत, उदय राज ने नाव से जाकर युवती को नदी से सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी।
युवती ने जमीन के लालच में अपने भाई व उनके साथियों पर नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस पूरे मामले मे जांच में जुटी है। श्रावस्ती जिले के भिनगा थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर इटोरिया के निवासी गुलस्पा बानो (18) पुत्री मोहम्मद हफीज ने बताया कि शुक्रवार को तीन बजे भाई मोहम्मद कासिम ने भाभी सीबा व छोटी बहन तहसीन के साथ उसको भी लखनऊ दवा लेने के बहाने ले गए थे। लखनऊ पहुंचने पर भाई ने बताया यहां पर डॉ. नहीं है अब वापस चलो बाद में आएंगे।
आरोप है कि रात में बारह बजे भाई ने घाघरा घाट के पुल पर आकर गाड़ी रोक दिया और बताया कि गाड़ी पंचर हो गई है सब लोग बाहर की हवा खा लो, जैसे ही उसने नदी की तरफ मुंह किया। भाई व उनके साथी ने पकड़ कर उसे पुल से नदी में फेंक दिया और वहां से फरार हो गए। युवती ने बताया कि पिता की मौत के बाद उनकी जमीन दो बहन व भाई के नाम दर्ज हो गई थी उसी जमीन के लालच में भाई प्रताड़ित करते थे। कोतवाल नारद मुनि सिंह का कहना है कि मामले में युवती के परिवार वालों को सूचना दी गई है। उनके आने के बाद सही स्थिति का पता चल सकेगा।
