बरेली: सैंपलिंग आधी, तीसरी लहर से लड़ाई की तैयारी का दावा
बरेली, अमृत विचार। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने प्रदेश में तीसरी लहर आने की चेतावनी जताई है। बावजूद जिले का स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है। दूसरे राज्यों से जिले में प्रवेश करने वालों की कहीं सैंपलिंग नहीं हो रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक महीने भर पहले रोजाना 6 …
बरेली, अमृत विचार। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने प्रदेश में तीसरी लहर आने की चेतावनी जताई है। बावजूद जिले का स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है। दूसरे राज्यों से जिले में प्रवेश करने वालों की कहीं सैंपलिंग नहीं हो रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक महीने भर पहले रोजाना 6 से 7 हजार सैंपल हो रहे थे, लेकिन अब 4 हजार से कम सैंपलिंग हो रही है। सैंपलिंग आधी होने के बाद तीसरी लहर से लड़ाई का दावा किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच अब डेल्टा और गामा वेरिएंट के केस भी सामने आने लगे हैं। शहर से सटे बदायूं जिले में हाल ही में दो युवकों में कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में जिले में भी बाहर से आने-जाने वाले लोगों की कोविड जांच आवश्यक है। बावजूद इसके कोरोना वायरस से जुड़े केसों पर नजर रखने के लिए शहर में अफसरों की सक्रियता नदारद है। सर्विलांस के नाम पर खानापूरी हो रही है।
तीसरी लहर से बचने को इस तैयारी का दावा
स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान योजना के मुताबिक पुराना बस अड्डा और सेटेलाइट पर कोविड संक्रमण का पता लगाने के लिए आरटी-पीसीआर व एंटीजन की जांच नहीं कराई जा रही है। पहली लहर के बाद से ही लगातार फतेहगंज पश्चिमी स्थित टोल प्लाजा पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें दिल्ली समेत अन्य राज्यों से आने वालों की एंटीजन, आरटीपीसीआर जांच कर रही हैं। करीब 2 माह पहले तक हर दिन 350 से 400 जांचें हो रही थीं, लेकिन अब प्रतिदिन 100 या उससे भी कम जांच हो रही हैं। अब सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक करीब तीन घंटे ही टोल प्लाजा पर दूसरे राज्यों से आने वालों की जांच हो रही है। बाकी 21 घंटे बाहर से आने वालों की जांच न होना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बयां कर रहा है।
सैंपलिंग टीम बरत रहीं लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से पहले हर दिन 7000 से ज्यादा सैंपल की जांच हो रही थी। सभी सीएचसी, पीएचसी समेत शहर के तमाम इलाकों में भी कैंप लगाकर जांच की जा रही थी मगर अब सैंपलिंग में टीमें लापरवाही बरत रही हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी अब भी अधिक संख्या की जांच के लिए शिविर लगने और एमएमयू के सैंपलिंग करने की बात कह रहे हैं।
रेलवे जंक्शन पर रात में ही हो रही कोरोना जांच
जंक्शन पर दिन में कोरोना जांच न होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोविड की तीसरी लहर को लेकर शासनादेश के अनुपालन में अब सार्वजनिक स्थलों पर एंटीजन टेस्ट नहीं लिए जाने के निर्देश हैं। जंक्शन पर रात में स्वास्थ्य विभाग की टीम मुसाफिरों की आरटी-पीसीआर जांच कर रही हैं। हालांकि सुबह की ट्रेनों से आने वाले मुसाफिरों की आवाजाही बिना जांच के ही जारी है। वहीं, बरेली सिटी व इज्जतनगर रेलवे स्टेशन पर भी कोविड जांच नहीं की जा रही है।
सीमाओं से बेखौफ लौट रहे लोग
शासन की ओर से छूट मिलने के बाद पहाड़ों पर घूमने के शौकीन यहां से आरटी-पीसीआर जांच कराकर उत्तराखंड घूमने जा रहे हैं लेकिन वहां से लौटने के बाद सीमाओं पर बिना जांच के ही शहर लौट रहे हैं। दिल्ली व देश के अन्य राज्यों से भी जिले में प्रवेश करने वालों की संख्या कम नहीं है। बावजूद कामचलाऊ जांच हो रही है। इस संबंध में सैंपलिंग प्रभारी डा. सीपी सिंह का कहना है कि टोल प्लाजा पर जांच के लिए पहले पुलिस का सहयोग रहता था। इंटरसेप्टर और पुलिसकर्मी जांच के लिए बसों को रुकवाते थे, लेकिन अब वहां कोई सुरक्षा नहीं है। जबरन किसी का सैंपल कर नहीं सकते जब तक वहां सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं, जांच होती है। उसके बाद कोई सहयोग न मिलने पर टीमें लौट आती हैं।
रोडवेज, सेटेलाइट पर हफ्ते में एक-एक दिन हो रही कोरोना जांच
कोरोना संक्रमण की दूसरी का असर कम होने के बाद शासन से मिली छूट के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ बाजारों में उमड़ रही है। ऐसे में पुराने रोडवेज और सैटेलाइट बस अड्डे पर भी यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन यहां कोरोना जांच सिर्फ हफ्ते में दो दिन की जा रही है। एक दिन टीम पुराने रोडवेज पर जांच को भेजी जा रही है। अगले दिन सेटेलाइट बस स्टैंड पर कैंप लगातार जांच हो रही है। ऐसे में अन्य दिन जांच न होने से संक्रमण का खतरा अधिक मंडरा रहा है।
सुरक्षा की प्रशासन से करेंगे मांग
बीते दिनों शासन की ओर से हुए तबादले के बाद सीएमओ डा. बलबीर सिंह ने एसीएमओ डा. अशोक कुमार को जिला सर्विलांस अधिकारी का कार्यभार सौंपा है। डा. अशोक कुमार ने सैंपलिंग समेत कोरोना की रोकथाम के लिए टीमों को कोई भी दिक्कत होने पर तत्काल सूचना देने को कहा है। उनका कहना है कि सैंपलिंग बढ़ाने के लिए प्रशासन से टीमों की सुरक्षा की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले यात्रियों की कोरोना की जांच की रोजाना रिपोर्ट उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
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