बरेली: जिला अस्पताल में जल्द होगी हेपेटाइटिस की जांच
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में जल्द ही लिवर की घातक बीमारी हेपेटाइटिस का इलाज शुरू किया जाएगा। इसके कारण लखनऊ जाकर जांच कराने की भागदौड़ और खर्च से जिले के मरीजों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बीएसएल-2 लैब में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए शासन को पत्र …
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में जल्द ही लिवर की घातक बीमारी हेपेटाइटिस का इलाज शुरू किया जाएगा। इसके कारण लखनऊ जाकर जांच कराने की भागदौड़ और खर्च से जिले के मरीजों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बीएसएल-2 लैब में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
नोडल अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों को हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। वायरल लोड की जांच के लिए निजी पैथोलॉजी में करीब 16 सौ से अधिक रुपये लगते हैं।
लखनऊ मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा निशुल्क है, लेकिन जांच कराने के लिए वहां जाने और रहने के दौरान अर्थिक कमजोर लोग खासा प्रभावित होते हैं। लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े इसलिए अब जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए योजना बनाई गई है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस क्लीनिक शुरू, मंगलवार व शुक्रवार को जांच
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस क्लीनिक की शुरुआत की गई है। यहां पर बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को भी दवा दी जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शासन ने हेपेटाइटिस-बी की प्रमुख दवा टीनो फोविर और इंटिकावीर मरीजों को निशुल्क वितरण के लिए भेजी है।
अभी दो सौ मरीजों के लिए दवा उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे मरीजों को ओपीडी से मुफ्त दवा दी जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने हेपेटाइटिस मरीजों के लिए ओपीडी का दिन मंगलवार व शुक्रवार निर्धारित किया है। मंडलीय अपर निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध शर्मा ने बताया कि ओपीडी के कमरा नंबर सात में हेपेटाइटिस मरीजों के लिए हेपेटाइटिस क्लीनिक की शुरुआत की गई है। अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में 120 मरीज हेपेटाइटिस बी और 80 हेपेटाइटिस सी के हैं।
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