मिशन यूपी 2022 शुरू: अमित शाह तय करेंगे उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रत्याशी
ज्ञानेंद्र सिंह, नई दिल्ली, अमृत विचार। मिशन यूपी 2022 के तहत गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में काम करना शुरू कर दिया है। एक सोची-समझी चुनावी रणनीति के तहत चुनाव से पहले गृहमंत्री पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। उम्मीदवारों का चयन भी उनकी अगुवाई में होगा। दरअसल पश्चिम बंगाल में …
ज्ञानेंद्र सिंह, नई दिल्ली, अमृत विचार। मिशन यूपी 2022 के तहत गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में काम करना शुरू कर दिया है। एक सोची-समझी चुनावी रणनीति के तहत चुनाव से पहले गृहमंत्री पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। उम्मीदवारों का चयन भी उनकी अगुवाई में होगा।
दरअसल पश्चिम बंगाल में संगठन और सरकार की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद मिली पराजय से बीजेपी ने बहुत बड़ा सबक सीखा है। जिसे उत्तर प्रदेश के चुनाव में लागू किया जाएगा। जैसे पश्चिम बंगाल में प्रत्याशियों का निर्धारण प्रदेश इकाई और प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय पर छोड़ दिया गया था जिसके चलते कई जिताऊ उम्मीदवार टिकट से वंचित रह गए थे।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा तवज्जो प्रत्याशियों के चयन को ही दिया जाएगा और कई मंत्रियों और पुराने विधायकों को भी एक कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में मुख्य मंत्री उप मुख्य मंत्री या प्रदेश अध्यक्ष की दखलंदाजी नहीं चलेगी। एक पारदर्शी नीति बनेगी और वरीयता के आधार पर प्रत्याशियों का चयन होगा। इसमें युवाओं एवं महिलाओं को ज्यादा जगह दी जाएगी और कई मंत्रियों एवं विधायकों को टिकट से वंचित भी होना पड़ सकता है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक जनता की पसंद के उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए बीजेपी ने कुछ अंदरूनी सर्वे भी कराए हैं, जिसमें न केवल विधायक बल्कि मंत्रियों तक की गलत तस्वीर सामने आई है। उसी आधार पर चुनाव से पहले गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के लगभग सभी बड़े जिलों का दौरा कर के कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क साधेंगे। ताकि पश्चिम बंगाल जैसे चूक यहां न होने पाए।
अपने उक्त अभियान की शुरुआत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र बनारस और प्रदेश की राजधानी लखनऊ एवं मिर्जापुर से शुरू की है।
अगले वर्ष चुनाव तो पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर एवं गोवा में होना है मगर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा महत्व दिया। है। क्योंकि देश का सबसे बड़ा राज्य होने की वजह से यदि यहां पर बीजेपी को नुकसान होता है तो पश्चिम बंगाल की तरह पूरे देश में पार्टी के खिलाफ एक संदेश जाएगा और विपरीत माहौल भी बनना शुरू हो सकता है जिसका असर 2024 के लोकसभा चुनाव में नजर आएगा।
बीजेपी की आक्रामक चुनावी रणजीत का जवाब देने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता का सूत्रपात कर दिया है। जिसके तहत प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी सपा के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महागठबंधन के लिए कांग्रेस सहित सभी दलों का आह्वान किया है। इस संबंध में ममता बनर्जी ने अखिलेश यादव से वार्तालाप भी किया है।
403 सीटों वाली विधानसभा में इस समय बीजेपी के 324, समाजवादी पार्टी के 55 एवं बहुजन समाज पार्टी के 19 विधायक हैं। जबकि इससे पहले समाजवादी पार्टी के 229, बहुजन समाज पार्टी के 80, बीजेपी के 41 एवं कांग्रेस के 28 विधायक थे। इसी आधार पर अखिलेश यादव ने बसपा व कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों से एकजुट होकर चुनाव लड़ने का आह्वान किया है।
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