Mughal Emperor

21 सितंबर: बहादुर शाह जफर को अंग्रेजों ने गिरफ्तार किया

नई दिल्ली। मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है। कहने को तो वह 1837 में बादशाह बनाए गए, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े...
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20 सितंबर का इतिहास: आज ही के दिन आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने किया था आत्मसमर्पण

नई दिल्ली। भारत के इतिहास में 20 सितंबर की तारीख बहुत अहम है। 1857 में इसी दिन अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को आत्मसमर्पण करना पड़ा था और उन्हें ब्रिटिश मेजर होसॉन ने पकड़ लिया था। दरअसल, मई 1857...
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22 जनवरी: उन्मादियों की भीड़ ने आज के दिन ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों को जिंदा जलाया, जानिए प्रमुख घटनाएं 

नई दिल्ली। साल के पहले महीने का 22वां दिन इतिहास में एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। ओडिशा के क्योंझर में 22 जनवरी 1999 को उत्पाती भीड़ ने ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों को जिंदा जला...
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7 जनवरी का इतिहास : आज ही के दिन हुई थी बहादुर शाह जफर द्वितीय पर मुकदमे की शुरुआत 

नई दिल्ली। वर्ष के हर दिन की तरह सात जनवरी का दिन भी बहुत सी अच्छी और बुरी घटनाओं के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज है। वह सात जनवरी का ही दिन था, जब अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह...
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12 अगस्त : शाह आलम द्वितीय से दोस्ती कर ईस्ट इंडिया कंपनी ने शासन में रखी दखल की नींव

नई दिल्ली। व्यापारिक इरादे से भारत आई ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश को गुलाम बना लिया था। यह वही कंपनी है जिसने एक समय में भारत देश पर राज किया। सन 1600 ईसवीं के आस-पास भारत में आई इस कंपनी ने सैकड़ों साल तक हमारे देश पर शासन किया। यहां की आपसी मतभेद, आपसी लड़ाई …
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इतिहास के पन्नों में दर्ज शेरशाह सूरी का मकबरा क्यों है खास, जानिए

भारत एक ऐसा देश है जहां विविधताएं देखने को मिलती हैं और यहां की अनेक संस्कृतियां इस देश की खूबसूरती को बयान करती हैं। वहीं इस देश में कई ऐसे मशहूर और पुराने मकबरे हैं, जिन्हें देखने के लिए हर किसी को जाना चाहिए। साथ ही, ये मकबरे समय के साथ पर्यटकों के लिए पसंदीदा …
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राजपूत वीरता और परिश्रम के प्रतीक महाराणा प्रताप, जानें उनके शौर्य के किस्से

राजपूत वीरता और परिश्रम के प्रतीक महाराणा प्रताप आधुनिक राजस्थान के एक प्रांत मेवाड़ के शासक थे। जिसमें मध्य प्रदेश में भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, पिरावा (झालावाड़), नीमच और मंदसौर और गुजरात के कुछ हिस्से शामिल हैं। बता दें महाराणा प्रताप ने अपनी मातृभूमि को उनके नियंत्रण से मुक्त करने के लिए मुगल वर्चस्व के खिलाफ …
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जालौन: शौचालयों पर मुगल बादशाहों के नाम लिखवाने के आरोप में भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज

जालौन/उरई। उत्तर प्रदेश में जनपद जालौन के जिला मुख्यालय उरई में सार्वजनिक शौचालयों पर कथित तौर पर मुगल शासकों के नाम लिखवाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली उरई के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार राठौर ने मंगलवार को बताया कि विगत 22 …
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मुगलकाल में धूमधाम से मनाते थे सम्राट दिवाली का त्योहार, जानें इतिहास

आजकल कुछ मुस्लिम दोस्तों को दिवाली का पर्व मनाने पर आपत्ति होती है। मगर इतिहास इस बात का साक्षी है कि मुगलकाल में सम्राट दिवाली का त्योहार पूरी धूमधाम से मनाया करते थे। क्योंकि मुगलों की नजर में दिवाली हिन्दुओं का त्योहार नहीं बल्कि कौमी त्योहार था। उर्दू के विख्यात् साहित्यकार ख्वाजा हसन निजामी अपनी …
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा- जिन्होंने देश के टुकड़े किए उन मुगलों के नाम पर लगे सड़क बोर्ड तुरंत हटाए सरकार

हरिद्वार, अमृत विचार। जो सम्मान आजादी में भूमिका निभाने वाले वीरों को मिलनी चाहिए, वह सम्मान मुगल आक्रांताओं को दिया जाना चाहिए। भारत में कई मुख्य सड़कों के नाम जो मुगल शासकों के नाम पर रखे गए हैं। वे स्वतंत्रता के क्रांतिकारियों के नाम पर होने चाहिए। यह बातें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय …
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