Tokyo Olympics: डिस्कस थ्रो में कमलप्रीत कौर मेडल की रेस से बाहर
टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक 2020 के डिस्कस थ्रो में भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। टॉप थ्री की प्रबल दावेदार मानी जा रही कमलप्रीत कौर मेडल की रेस से बाहर हो गई हैं। वह टूर्नामेंट में छठे स्थान पर रहीं। शनिवार को क्वालीफाइंग दौर में दूसरे स्थान पर रही कमलप्रीत आठ दौर के फाइनल …
टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक 2020 के डिस्कस थ्रो में भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। टॉप थ्री की प्रबल दावेदार मानी जा रही कमलप्रीत कौर मेडल की रेस से बाहर हो गई हैं। वह टूर्नामेंट में छठे स्थान पर रहीं। शनिवार को क्वालीफाइंग दौर में दूसरे स्थान पर रही कमलप्रीत आठ दौर के फाइनल में कभी भी पदक की दौड़ में नहीं रही। बारिश के कारण मुकाबला एक घंटे तक बाधित रहा।
दरअसल, चौथे प्रयास में कमलप्रीत कौर का थ्रो लीगल नहीं माना गया है। थ्रो करते वक्त कमलप्रीत का पैर फिसल गया, जिससे वह काफी निराश नजर आई। कमलप्रीत के चार थ्रो में से दो काउंट नहीं हुए हैं। वह छठे स्थान पर बनी हुई हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 63.70 मीटर का रहा। हालांकि, उनके तीन थ्रो फाउल रहे। कमलप्रीत को मेडल हासिल करने के लिए 65.72 मीटर से ज्यादा का थ्रो करना था। डिस्कस थ्रो का गोल्ड मेडल अमेरिका की वैलेरी ऑलमैन (Valarie Allman) ने जीता, जबकि सिल्वर मेडल जर्मनी की क्रिस्टिन पुडेन्ज़ो (Kristin Pudenz) ने अपने नाम किया। कांस्य पदक क्यूबा की याइमे पेरेज के खाते में गया।
इससे पहले 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया भी लंदन ओलंपिक 2012 में छठे स्थान पर रही थी। अपने निजी कोच के बिना आई कमलप्रीत पूरे फाइनल में नर्वस नजर आई। अभी तक वह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट विश्व यूनिवर्सिटी खेल 2017 में भाग ले पाई हैं और उनमें आत्मविश्वास का अभाव दिख रहा था।
पंजाब के काबरवाला गांव के एक किसान की बेटी कमलप्रीत ने शनिवार को 64 मीटर का थ्रो लगाकर पदक की उम्मीद जगाई थी। अमेरिका की वालारी आलमैन 68 . 98 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण , जर्मनी की क्रिस्टीन पुडेंज को रजत और मौजूदा विश्व चैम्पियन क्यूबा की येमे पेरेज को कांस्य पदक मिला। दो बार की गत चैम्पियन क्रोएशिया की सैंड्रा पेरकोविच चौथे स्थान पर रही।
