हल्द्वानी: स्कूलों से हटेंगे टीकाकरण केंद्र, स्कूल प्रबंधन स्वास्थ्य विभाग से करेंगे संपर्क
हल्द्वानी, अमृत विचार। कक्षा नौ से बारहवीं तक के खोले गए सरकारी स्कूलों में से कुछ में कोरोना टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब शिक्षा विभाग ने इस गलती को समझते हुए अपना निर्णय बदलना शुरू किया है। अमृत विचार में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कक्षा नौ से बारहवीं तक के खोले गए सरकारी स्कूलों में से कुछ में कोरोना टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब शिक्षा विभाग ने इस गलती को समझते हुए अपना निर्णय बदलना शुरू किया है।
अमृत विचार में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे वे स्कूल जहां टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं, उनके प्रबंधकों को यह छूट दी गई है कि वह किसी भी तरह की दिक्कत आने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके टीकाकरण केंद्र को हटवाने के लिए कह सकते हैं। विभाग ने तय किया है कि कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए स्कूल खुलने से पहले स्कूलों में संचालित सभी टीकाकरण केंद्रों का अन्य जगह पर स्थांतारित करने के लिए कहा जाएगा।
तीसरी लहर के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सरकारी महकमे कितने सचेत हैं इसका पता इसी बात से चल जाता है कि जिन सरकारी स्कूलों में टीकाकरण केंद्र चलाया जा रहा है उन्हें वहां से हटाए बिना ही स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को केवल राज्य सरकार के आदेश को लागू करने से मतलब है। चाहें फिर से इस चक्कर में बच्चों के जान पर ही क्यों न बन आए।
अब जब शिक्षा विभाग को अपनी गलती का अहसास हुआ है तो विभाग अपने पूर्व के आदेश से पीछे हटने को तैयार दिख रहा है। ऐसे स्कूल जहां पर कोरोना टीकाकरण केंद्र हैं, अगर वहां के प्रबंधकों को टीकाकरण केंद्र से कोई भी दिक्कत है तो उसे हटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से कहा जाएगा। साथ ही विभाग यह भी मानकर चल रहा है कि जल्द ही कक्षा छह से कक्षा आठ तक के बच्चों के लिए भी स्कूल जल्द खोले जा सकते हैं। ऐसे में अब जल्द ही स्कूलों में संचालित हो रहे टीकाकरण केंद्रों को हटाने के लिए कहा जाए, जिससे स्कूलों में सुचारू तौर पर पढ़ाई हो सके।
जिन स्कूलों में टीकाकरण केंद्र संचालित हैं वहां के प्रबंधकों को कहा गया है कि वह टीकाकरण केंद्र हटाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते है।-केके गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल
अमृत विचार ने प्रमुखता के साथ उठाया था मुद्दा
हल्द्वानी। स्कूलों में कोरोना टीकाकरण और बच्चों की पढ़ाई एक साथ कराए जाने का मामला अमृत विचार समाचार पत्र ने प्रमुखता के साथ उठाया था और इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया था।
जीजीआईसी वनभूलपुरा में नहीं पहुंचा एक भी विद्यार्थी
हल्द्वानी। जीजीआईसी वनभूलपुरा को भी टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां रोजाना कोरोना टीका लगाने के लिए पहुंचते हैं। सोमवार को स्कूल को खोले जाने के आदेश के बाद भी यहां पर एक भी छात्रा पढ़ाई के लिए नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल को टीकाकरण का केंद्र बनाए जाने की वजह से लोगों में कोरोना संक्रमण का भय है। इसलिए स्कूल में किसी भी अभिभावक ने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए नहीं भेजा।
