बरेली: बीएड के असाइनमेंट को लेकर शिक्षकों ने किया विरोध
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने पहली बार प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षाओं का आयोजत ओपन बुक सिस्टम से असाइनमेंट के जरिये कराया है। स्नातक में कम समय में असाइनमेंट का विरोध पहले हो चुका है। अब बीएड में असाइनमेंट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को बीएड (शिक्षा संकाय) संकायाध्यक्ष डा. संगीता …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने पहली बार प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षाओं का आयोजत ओपन बुक सिस्टम से असाइनमेंट के जरिये कराया है। स्नातक में कम समय में असाइनमेंट का विरोध पहले हो चुका है। अब बीएड में असाइनमेंट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को बीएड (शिक्षा संकाय) संकायाध्यक्ष डा. संगीता सिंह और समन्वयक डा. ईला अग्रवाल की मौजूदगी में बरेली कॉलेज, हिंदू कॉलेज मुरादाबाद और बदायूं के बीएड कॉलेजों के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में जाकर विरोध किया।
शिक्षकों ने कुलसचिव डा. राजीव कुमार और परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद को ज्ञापन देकर समस्या रखी। दोनों अधिकारियों ने शिक्षकों की समस्या कुलपति के समक्ष रखकर समाधान का आश्वासन दिया।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और परास्नातक की प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षाओं को असाइनमेंट से आयोजित कराने के निर्णय के बाद 29 जुलाई को सेमेस्टर व प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में भी इसी माध्यम से प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षाएं कराने के निर्देश जारी किए। इसके बाद से अब विरोध शुरू हो गए हैं।
शिक्षा संकाय संकायाध्यक्ष डा. संगीता सिंह ने बताया कि असाइनमेंट के माध्यम से बीएड की प्रयोगात्मक परीक्षा कराना संभव नहीं है। यह परीक्षा 250 अंकों की होती है। बीएड के पाठ्यक्रम का मूल्यांकन तीन भागों में बंटा है, जिसमें लिखित परीक्षा, असाइनमेंट और टीचिंग प्रैक्टिस शामिल है। परीक्षा परिणाम में सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक दोनों की डिवीजन अलग-अलग होती है। बीएड की टीचिंग प्रैक्टिस के अभाव में प्रयोगात्मक परीक्षा व बीएड की डिग्री अपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में ही 20 नंबर का असाइनमेंट शामिल है। इस तरह की समस्या पिछली बार भी कोरोना काल में आई थी। उस वक्त तत्कालीन कुलपति ने तीन सदस्यी कमेटी बनायी थी। जिसके बाद असाइनमेंट से प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं करायी गई थीं। फिलहाल कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने कुलपति के समक्ष समस्या रखकर जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
