बिजनौर: समस्याओं को लेकर गरजे शिक्षक, आंदोलन की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन
बिजनौर नगीना,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सेवारत के बैनर तले शिक्षकों ने विभिन्न समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है। उधर ऑल टीचर्स एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रतिनिधि मंडल ने विधायक मनोज पारस …
बिजनौर नगीना,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सेवारत के बैनर तले शिक्षकों ने विभिन्न समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है। उधर ऑल टीचर्स एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रतिनिधि मंडल ने विधायक मनोज पारस से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।
हिंदू इंटर कॉलेज में बुधवार की दोपहर संघ के सदस्य प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रनवीर सिंह, कॉलेज शाखा अध्यक्ष ध्यान सिंह व मंत्री धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में इकट्ठा हुए। यहां सबने सरकार द्वारा विद्यालय खोले जाने की समयावधि साढ़े आठ घंटे करने की प्रक्रिया का विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। हालांकि 16 अगस्त से विद्यालय खोलने के निर्णय का स्वागत भी किया।
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष ध्यान सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के विभागीय आदेश में दिए गए निर्धारित समय को जानबूझ कर खंडित किया जा रहा है। ऐसा करके सरकार पुरानी पेंशन बहाली, शासनादेश 22मार्च 2016 के अनुसार विनियमित हुए शिक्षकों को जीपीएफ योजना में सम्मिलित करने, वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को लाकडाउन अवधि का मानदेय निर्गत करने, सेवा नियमावली जारी करने, व्यवसायिक शिक्षकों का आमेलन करने व एक अप्रैल 2014 के उपरांत नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना से आच्छादित करने आदि मांगों से ध्यान हटाना चाहती है।
मांग की कि इस निर्णय को सरकार वापस ले। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा। इस अवसर पर कुसुमलता, अमित सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अरुण कुमार, जेके राणा, अजय यादव, भानु प्रताप सिंह, प्रेम कुमार, पवन त्यागी, राजेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने व निजीकरण बंद करने की मांग
नगीना। ऑल टीचर्स एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने विधायक मनोज पारस से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। उसमें पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किए जाने व केंद्र सरकार के उपक्रमों में निजी करण को बंद करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा है कि भारत सरकार की नौकरियों में एक जनवरी 2004 से तथा उत्तर प्रदेश सरकार की नौकरियों में एक अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई है, जो शेयर बाजार पर आधारित है। इससे शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों में काफी रोष है।
इसके साथ ही भारत सरकार सरकारी उपक्रमों में तेजी से निजीकरण कर रही है, जिससे लाखों लोग नौकरियों से वंचित हो रहे हैं। मांग की गई है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा को करते हुए पुरानी पेंशन बहाल कराई जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री प्रदेश सरकार को पत्र लिख कर इस संबंध में हस्तक्षेप करने के लिए निर्देश दें। जिला महामंत्री करतार सिंह आदि साथ रहे।
