बरेली: कमेंटबाजी बंद कर मन्नानी मियां और असजद मियां का करें एहतराम-शाहबुद्दीन

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बरेली, अमृत विचार। काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां के दामाद सलमान मियां की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उपजे विवाद को अब ठंडा करने की कोशिशें जारी हैं। अब तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा है कि आला हजरत खानदान ने दीन, मिल्लत और मसलक की बहुत खिदम की है। मन्नानी मियां …

बरेली, अमृत विचार। काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां के दामाद सलमान मियां की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उपजे विवाद को अब ठंडा करने की कोशिशें जारी हैं। अब तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा है कि आला हजरत खानदान ने दीन, मिल्लत और मसलक की बहुत खिदम की है।

मन्नानी मियां और काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां की भी दीनी और मसलकी खिदमात किसी से छिपी नहीं हैं। खानदान की बुजुर्ग शख्सियत मन्नानी मियां ने दारुल उलूम मंजरे इस्लाम से शिक्षा प्राप्त की और मुफ्ती आजम हिंद ने उनको खिलाफत दी। जबकि असजद मियां ने जामिया नूरिया रजविया, अपने वालिद तजुश्शरीया और अपने मामू मुफ्ती तहसीन रजा खां बरेलवी से तालीम हासिल की जिसके बाद जामियातुर रजा से दस्तार हुई और खानकाह महरारा शरीफ के सज्जादानशीन डा. सैयद अमीन मियां ने खिलाफत दी।

मौलाना ने आगे कहा कि आला हजरत खानदान का हर सदस्य काबिले ताजीम और काबिले एहतराम है, लिहाजा अब सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर आरोप न लगाएं। मन्नानी मियां और असजद मियां के सम्बन्ध में जो लोग भी सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं, वह इस सिलसिले को बंद करें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वह पहले शख्स हैं जिसने आला हजरत के खानदान का इतिहास लिखा।

अब इस विवाद को समाप्त कर किसी के खिलाफ कोई पोस्ट और कमेंट्स न करें सभी लोग मिल कर मसलक, मरकज और आला हजरत के मिशन को आगे बढ़ाएं। बता दें कि इससे पहले एक मन्नानी मियां और मौलाना शाहबुद्दीन के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें मंगलवार का आयोजि प्रेस कान्फ्रेंस में कही बातों को वापस लेने के बावजूद मन्नानी मियां सलमान मियां को लेकर काफी कुछ बोल रहे थे। इसके बाद मन्नानी मियां का एक और आडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होने मौलाना शाहबुद्दीन से विवाद खत्म करने की अपील की थी।

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