लखनऊ: अवैध रूप से म्यांमार व बांग्लादेशियों को बसाने वाले गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ। फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में बसने का खेल खेलने वाले एक और शातिर को यूपी एसटीएस ने हैदराबाद तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। यह मूलरूप से म्यांमार का रहने वाला है और उसका नाम मो. इस्लाम है। इस मामले में अभी तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य सरगना …
लखनऊ। फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में बसने का खेल खेलने वाले एक और शातिर को यूपी एसटीएस ने हैदराबाद तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। यह मूलरूप से म्यांमार का रहने वाला है और उसका नाम मो. इस्लाम है। इस मामले में अभी तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य सरगना नूरुल इस्लाम उर्फ मोहम्मद नूर को यूपी एटीएस ने 27 जुलाई को ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस से गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था।
इसकी निशानदेही पर ही एटीएस ने छापेमारी कर बीते दिनों ही बरेली की मारिया मीट फैक्ट्री से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। यह दोनों कूटरचित दस्तावेज बनवाकर भारतीय नागरिक बन गए थे और फैक्ट्री में काम करने लगे थे। मोहम्मद नूर की ही निशानदेही पर एटीएस ने गुरुवार को हैदराबाद से मो. इस्लाम की गिरफ्तारी की है।
हैदराबाद से ट्रांजिट रिमांड लेकर टीम लखनऊ पहुंच चुकी है। यहां न्यायालय के समक्ष उपस्थ्ति कर एटीएस उसकी रिमांड लेकर उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्दी ही इस मामले में देश में फर्जी दस्तावेजों के जरिए रह रहे कई और बांग्लादेशी और म्यांमार के नागरिकों की गिरफ्तारी हो सकती है। यूपी एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि ऐसी जानकारी मिली थी कि मानव तस्कर गैंग का सदस्य हैदराबाद में अपना सिंडिकेट फैला रहा है।
इस सूचना पर यूपी एटीएस की टीम ने हैदराबाद के बहादुरपुरा थानाक्षेत्र के प्रिंस कॉलोनी में छापा मारकर आरोपी मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार किया है। एटीएस द्वारा अभी तक गिरफ्तार किए गए सभी नागरिक म्यांमार व बांग्लादेश के निवासी हैं। फर्जी तरीके से भारत में बसाने के मामले में इस गिरोह के जिन सदस्यों की गिरफ्तारी अभी तक हो चुकी है उनमें मोहम्मद नूर उर्फ नुरुल इस्लाम, रहमतुल्लाह, शफीउल्लाह और 18 जून को मुजम्मिल, अतीकुर्रहमान शामिल हैं।
मोटी रकम वसूल कर कराते हैं बार्डर पार, बनवाते हैं फर्जी दस्तावेज
फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में बसाने का खेल खेलने वाले गिरोह के सदस्य इस बावत मोटी रकम वसूलते हैं। विशेषकर महिला व बच्चों को भारत में अच्छा जीवन जीने, अच्छे परिवार में शादी कराने, फैक्ट्री व अन्य स्थानों पर काम दिलाने का झांसा देते हैं। इसके बाद अवैध तरीके से बार्डर पार कराने और भारत में निवास के बावत जरूरी दस्तावेजों को फर्जी तरीके से बनाने के लिए भी मोटी रकम वसूलते हैं। म्यांमार व बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने के बाद यह लोग अपने संपर्कों के माध्यम से विशेषकर दिल्ली, एनसीआर क्षेत्रों में बसा देते हैं। एटीएस सूत्रों की मानें तो गिरोह के सदस्यों से अभी पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए भारत में रह रहे कई और बांग्लादेशी और म्यांमार के नागरिकों की गिरफ्तारी होगी।
