बरेली: नई नियमावली व शिक्षा के तरीकों से प्रशिक्षु चिकित्सकों को किया जागरूक

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बरेली, अमृत विचार। चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) द्वारा जारी नई नियमावली व शिक्षा के तौर तरीकों के बारे में प्रशिक्षु चिकित्सकों को जागरूक किया गया। 5 अगस्त से …

बरेली, अमृत विचार। चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) द्वारा जारी नई नियमावली व शिक्षा के तौर तरीकों के बारे में प्रशिक्षु चिकित्सकों को जागरूक किया गया। 5 अगस्त से शुरू हुई कार्यशाला में मुख्य रूप से चिकित्सा शिक्षा से संबंधित रिवाइज्ड बेसिक कोर्स को लेकर भी चर्चा की गई।

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा भेजे पर्यवेक्षण डा. विनय शर्मा के नेतृत्व में छात्रों व शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। फॉर्माकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डा. शालिनी चंद्रा ने एनएमसी ने चिकित्सा शिक्षा के लिए निर्धारित किए तरीकों के बारे में विशेष जानकारी दी। शिक्षकों को छात्रों के मूल्यांकन करने के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य यह था कि यहां से पास होकर निकलने वाले चिकित्सक चिकित्सा के उच्च शिखर पर नाम रोशन कर सकें।

उनकी मरीजों से बातचीत की शैली और बेहतर देखभाल के लिए कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि मरीजों की उपचार की क्षमता को बेहतर तरीके से निखार सकें। कार्यशाला के समापन के मौके पर पर्यवेक्षक डा. विनय शर्मा ने कहा कि छात्र हित में नए तरीकों को एनएमसी ने परिवर्तित किया है। प्रशिक्षु चिकित्सकों को हर प्रकार के मरीजों के साथ खुद का संयम बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। मरीजों का बेहतर उपचार करने के लिए जरुरी है कि उसकी पीड़ा को ठीक से समझा जाए। लिहाजा आयोजित कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षु चिकित्सकों की बात
इस कार्यशाला के जरिए यह बताया गया कि कई बार छात्रों द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी गलत मूल्यांकन किया जाता है। लेकिन नई नीति के तहत अब ऐसा नहीं हो सकेगा। -डा. हर्ष उपाध्याय, प्रशिक्षु चिकित्सक

नए परिवर्तन से परीक्षा प्रणाली में भी काफी सुधार आएगा। भविष्य में इस नीति से छात्रों को बेहतर लाभ मिलेगा। -डा. प्रसून अग्रवाल, प्रशिक्षु चिकित्सक

कार्यशाला में दी गई जानकारी के मुताबिक शिक्षकों द्वारा पुछे जाने वाले सवाल अब भिन्न नही रहेंगे, बल्कि एक जैसे प्रश्न ही सभी छात्रों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। जो निश्चित रुप से छात्रों के लिए हितकारी होगा। -डा. मुस्कान, प्रशिक्षु चिकित्सक

तीन दिवसीय कार्यशाला के जरिए बेहद अहम चीजों की जानकारी दी गई है। जो सभी प्रशिक्षु चिकित्सक जरुर अमल में लाएंगे। -डा. हर्षिता राय, प्रशिक्षु चिकित्सक

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