सीतापुर: टीजीटी की परीक्षा में पकड़ा गया ‘मुन्नाभाई’, फोटो मिलने के दौरान हुआ खुलासा
सीतापुर। सीतापुर जिले के राजकीय इंटर कॉलेज में चल रही टीजीटी परीक्षा में रविवार को एक अभ्यर्थी की जगह पर अपनी पहचान छुपा कर फर्जी तरीके से परीक्षा देने आए लखनऊ के एक ‘मुन्नाभाई’ को ड्यूटी पर लगे कक्ष निरीक्षकों ने पकड़ा है। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस …
सीतापुर। सीतापुर जिले के राजकीय इंटर कॉलेज में चल रही टीजीटी परीक्षा में रविवार को एक अभ्यर्थी की जगह पर अपनी पहचान छुपा कर फर्जी तरीके से परीक्षा देने आए लखनऊ के एक ‘मुन्नाभाई’ को ड्यूटी पर लगे कक्ष निरीक्षकों ने पकड़ा है। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी लखनऊ में कोचिंग चलाता है। वह 30 हजार रुपये लेकर एक अभ्यर्थी की जगह फर्जी तरीके से परीक्षा देने आया था जिसे पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रविवार को स्थानीय राजकीय इंटर कॉलेज में टीजीटी की परीक्षा चल रही थी। प्रथम पाली में जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी उपेंद्र कुमार सिंह पुत्र राजा बक्स सिंह को भी इस परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या 36 में बैठकर परीक्षा देनी थी, लेकिन इसकी जगह पर दूसरा व्यक्ति परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षा से पहले कक्ष निरीक्षकों ने जब जांच की तो उपेंद्र के प्रवेश पत्र में लगे फोटो और उसके स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे युवक का फोटो मिलान नहीं हो सका। जिसके बाद कक्ष निरीक्षक सुभाष चंद्र राजपूत व रोशनी जायसवाल को कुछ संदेह हुआ।
इन लोगों ने प्रवेश पत्र के हस्ताक्षर और परीक्षा देने पहुंचे युवक के हस्ताक्षर का मिलान किया तो दोनों के हस्ताक्षर भी नहीं मिले। जिसके बाद कक्ष निरीक्षकों ने प्रिंसिपल को सूचना दी। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रिंसिपल ने बीएसए को सूचना दी। बीएसए के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग से सचल दल की टीम स्कूल पहुंची। सचल दल की टीम ने भी जांच पड़ताल की। जांच में पाया गया कि उपेंद्र की जगह दूसरा युवक परीक्षा देने पहुंचा था। परीक्षा देने पहुंचे युवक की पहचान बिजनौर जिले के पृथ्वीपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र हरपाल के रूप में की गई है।
इस घटनाक्रम के बाद पकड़े गए आरोपी धर्मेंद्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने भी जांच पड़ताल की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिजनौर का रहने वाला धर्मेंद्र लखनऊ में कोचिंग चलाता है। इसी कोचिंग में उपेंद्र का उससे संपर्क हुआ था। जिसके बाद 30 हजार रुपये लेकर धर्मेंद्र, अभ्यर्थी उपेंद्र की के स्थान पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने पहुंचा था। लेकिन जांच पड़ताल के बाद व परीक्षा देने से पहले ही पकड़ लिया गया। इंस्पेक्टर टीपी सिंह का कहना है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पैसे लेकर परीक्षा देने आया था कोचिंग संचालक
सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह ने इस मामले में बताया कि पकड़ा गया आरोपी धर्मेंद्र कुमार बिजनौर का रहने वाला है। लेकिन वह लखनऊ में कोचिंग संचालित करता है। उसका परीक्षार्थी उपेंद्र कुमार सिंह से संपन्न हुआ। दोनों में बातचीत हुई थी। जिसके बाद धर्मेंद्र ने 30 हजार के बदले उपेंद्र की जगह पर टीजीटी की परीक्षा देने के लिए हामी भरी थी। जिस के चलते धर्मेंद्र राजकीय इंटर कॉलेज में रविवार को होने वाली टीजीटी परीक्षा में फर्जी तरीके से परीक्षा देने पहुंचा था। जहां उसे पकड़ लिया गया है। उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
