लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए आए रिकार्ड तोड़ आवेदन
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए रिकार्ड आवेदन आए है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोरोना महामारी से ग्रस्त होने के बावजूद छात्र-छात्राओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले लेने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में आवेदन पत्र भरे थे। इस बार 2020-21 के 63944 के मुकाबले सत्र 21-22 में 73084 किए हैं यानि कि इस शैक्षणिक …
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए रिकार्ड आवेदन आए है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोरोना महामारी से ग्रस्त होने के बावजूद छात्र-छात्राओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले लेने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में आवेदन पत्र भरे थे। इस बार 2020-21 के 63944 के मुकाबले सत्र 21-22 में 73084 किए हैं यानि कि इस शैक्षणिक सत्र में 14.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2020-2021 सत्र में स्नातक स्तर पर कुल 44252 आवेदन पत्र भरे गए थे और स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 19367 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे।
2021-22 के अकादमिक सत्र में भी लखनऊ विश्वविद्यालय में रिकॉर्ड आवेदन पत्र प्राप्त किए गए हैं। पिछले सत्र के मुकाबले स्नातक स्तर पर 8.5 फीसदी की वृद्धि दर के साथ 48022 आवेदन पत्र स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्राप्त हुए हैं और 26 फीसदी की वृद्धि दर के साथ स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में 24397 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। वहीं, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में भी 104 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज हुई और बीते सत्र 2020-2021 के 325 आवेदन फार्म के मुकाबले 665 फॉर्म प्राप्त हुए।
विश्वविद्यालय की लोकप्रियता और इसके विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ने के लिए इच्छुक छात्रों की संख्या की बढ़ती संख्या का श्रेय कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने विश्वविद्यालय के नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप नवीनीकृत पाठ्यक्रमों को दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने एनईपी 2020 की घोषणा के तुरंत बाद अपने पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति के हिसाब से नवीनीकृत किया। एनईपी 2020 के सभी आयामों का ध्यान रखते हुए मल्टीपल एंट्री एग्जिट प्वाइंट्स, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और इंटर डिसीप्लिनरी एजुकेशन को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया था, जिसके फलस्वरूप आज प्रदेशभर से छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने आना चाहता है।
विश्वविद्यालय पिछले डेढ़ वर्ष में शिक्षा व शोध के साथ-साथ छात्र कल्याण, महिला छात्र सुरक्षा और समाज के प्रति विश्वविद्यालय के दायित्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से संस्थान पर छात्रों व उनके अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ा है। प्रो. राय ने कहा कि विश्वविद्यालय नए सत्र में सभी छात्रों के स्वागत के लिए तैयार है और उन्हें उम्मीद है कि विश्वविद्यालय परिवार के आने वाले नए सदस्य संस्थान की गरिमा, प्रतिभा और लोकप्रियता में अपना योगदान भी देंगे।
