मुरादाबाद: पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्य, कासिम, ब्रजेश और सोनू चला रहे थे पूरा गिरोह

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मुरादाबाद, अमृत विचार। पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्य साढ़े तीन लाख रुपये में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की परीक्षा पास कराने का ठेका लेते थे। तीस हजार रुपये पहले ही ले लिये जाते थे। पूरे गिरोह का संचालन कासिम, ब्रजेश और सोनू करते थे। यह गिरोह स्टडी ग्रुप में कमजोर बच्चों को निशाना बनाता …

मुरादाबाद, अमृत विचार। पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्य साढ़े तीन लाख रुपये में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की परीक्षा पास कराने का ठेका लेते थे। तीस हजार रुपये पहले ही ले लिये जाते थे। पूरे गिरोह का संचालन कासिम, ब्रजेश और सोनू करते थे। यह गिरोह स्टडी ग्रुप में कमजोर बच्चों को निशाना बनाता था।

टीजीटी परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद हुए खुलासे में कई बातें सामने आई हैं। पकड़े गए गिरोह का संचालन भगतपुर थानाक्षेत्र के गांव बेरखेड़ा चक निवासी मोहम्मद कासिम करता था। दुर्गेश कुमार बिहार से छात्रों को फंसाने का काम करता था। तीसरा सरगना सोनू पाल साल्वरों के आने-जाने, ठहरने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम करता था।

पकड़े गए आठ आरोपियों के खिलाफ धोखधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ कोतवाली इंदू सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ 3/9 परीक्षा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। साल्वर गैंग का सरगना सोनू पाल अभी फरार चल रहा है। इसके अलावा नेपाल सिंह और बिलारी का संजय सिंह भी फरार है। अभ्यर्थी संजय सिंह के स्थान पर ही अभिषेक उर्फ दुर्गेश फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहा था।

फरार चल रहे आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। सीओ कोतवाली ने बताया कि साल्वरों का पूरा गैंग मझोला थानाक्षेत्र के मोहल्ला रामतलैया में रहने वाले सोनू पाल के घर रुका था। सोनू पाल ने ही गैंग में शामिल आरोपियों के खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया था। फिलहाल सोनू पाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। पुलिस ने उसके भाई मोनू पाल को गिरफ्तार कर लिया है।

तीन बार परीक्षा दे चुका है देवराज
पुलिस के हत्थे चढ़ा साल्वर देवराज फर्जी तरीके से तीन बार परीक्षा दे चुका है। पहली बार उसने 12वीं की परीक्षा दी थी। इसके बाद तो उसका हौसला और बढ़ गया। बीए तक पढ़ाई करने वाले देवराज ने इसके बाद फर्जी तरीके से दो और अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दी।

खाना बनाने वाले ज्ञान कुमार ने भी दी परीक्षा
– ज्ञान कुमार साल्वर गैंग का रसोइया था। वह खुद 12वीं पास है। इसके बाद भी उसने फर्जी अभ्यर्थी के रूप में टीजीटी की परीक्षा दी। इसे ज्ञान कुमार का मनोबल ही कहेंगे कि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं होने के बावजूद टीजीटी जैसी परीक्षा दे रहा था।

नाजिम यूट्यूब चैनल से कराता है शिक्षण
साल्वर गैंग में शामिल संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थानाक्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी नाजिम ग्रेजुएट है। वह अपना यूट्यूब चैनल चलाकर बच्चों को शिक्षा देता है। नाजिम भी जल्दी अमीर बनने के चक्कर में इस गिरोह में शामिल हो गया। उसने यह पहली परीक्षा ही दी थी कि पुलिस ने धर लिया।

इस तरह पड़ी साल्वर गिरोह गैंग की नींव
एसपी सटी और सीओ सिविल लाइंस ने बताया कि वर्ष 2014 में भगतपुर थानाक्षेत्र के गांव बेरखेड़ा चक निवासी मोहम्मद कासिम इलाहाबाद (प्रयागराज) में तैयारी कर रहा था। वह अंग्रेजी साहित्य से पोस्ट ग्रेजुएट है। इस दौरान ब्रजेश का भी वहां आना जाना था। यहीं से इस गिरोह की नींव पड़ी। तय हुआ कि बिहार से ब्रजेश काम लाकर देगा और मुरादाबाद मंडल में मोहम्मद कासिम काम देखेगा। ब्रजेश कुमार ने भी बीएड किया है।

यह हुई बरामदगी
33 हजार 680 रुपये नकद, दो लैपटॉप, तीन फर्जी आधार कार्ड, 12 एटीएम, चार पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, दो बैंक पासबुक, 59 फोटो, पुरानी ओएमआर आंसर सीटर व प्रश्नपत्र, एक्सिस बैंक का एक लाख 35 हजार रुपये का चेक व बुलेट मोटरसाइकिल।

गिरफ्तार करने वाली टीम में यह रहे शामिल
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सहंसरवीर सिंह, एसएसआई वीरेंद्र कुमार, एसआई सुधीर कुमार व प्रदीप कुमार, हेडकांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल कोशिन्द्र कुमार, हिमांशु कुमार, सुनील कुमार और महिला कांस्टेबिल ममता रावत।

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