Lok Sabha में कृषि कानूनों पर चर्चा हो, सड़कों पर बैठे किसानों की मांगें मानी जाएं: अकाली दल
नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय कृषि कानूनों का मुद्दा उठाया और कहा कि इन ‘काले कानूनों’ पर सदन के भीतर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को आंदोलनकारी किसानों की मांग माननी चाहिए। पार्टी की नेता हरसिमरत कौर बादल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, …
नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय कृषि कानूनों का मुद्दा उठाया और कहा कि इन ‘काले कानूनों’ पर सदन के भीतर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को आंदोलनकारी किसानों की मांग माननी चाहिए।
पार्टी की नेता हरसिमरत कौर बादल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा हो रही है तो किसानों के मुद्दों पर भी यहां बात होनी चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि अकाली दल ने संघीय ढांचे की मजबूती के लिए लड़ाई लड़ी है और इसलिए वह इस विधेयक का स्वागत करती हैं जिसमें यह प्रावधान है कि राज्यों को ओबीसी की सूची तय करने का अधिकार मिलेगा।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन सड़कों पर बैठे लोगों के विकास का क्या होगा?” अकाली दल की नेता ने आरोप लगाया कि ‘काले कानून’ लाकर किसानों पर बोझ बढ़ाया गया और सैकड़ों किसानों की मौत हो गई।
हरसिमरत ने सवाल किया कि पेगासस मामले को लेकर सदन नहीं चल पा रहा है। कृषि कानूनों के कारण लोगों की जान जाती है तो इस पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने कहा कि केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों पर चर्चा की जाए और किसानों की मांग मानी जाए।
