बरेली: दोगुने हुए साइबर ठगी के मामले, जुलाई तक 390 लोगों से ठगी
बरेली, अमृत विचार। जिले में जहां एक तरफ चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं में कमी आई है लेकिन साइबर अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी लाटरी, कभी सामान बेचने, कभी नौकरी के नाम पर जाल में फंसाकर साइबर ठगों ने लोगों को दिन रात जाल में फंसाना शुरू कर दिया है। इसका नतीजा …
बरेली, अमृत विचार। जिले में जहां एक तरफ चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं में कमी आई है लेकिन साइबर अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी लाटरी, कभी सामान बेचने, कभी नौकरी के नाम पर जाल में फंसाकर साइबर ठगों ने लोगों को दिन रात जाल में फंसाना शुरू कर दिया है। इसका नतीजा यह हुआ है कि 2020 के मुकाबले 2021 में साइबर ठगी की घटनाएं दो गुनी हो गई हैं। वर्ष 2020 में जितने मामले 12 महीने में हुए थे, उससे अधिक मामले 2021 में जुलाई तक सात महीने में ही हो गए हैं। ठगी के मामलों की संख्या के साथ ही ठगी की रकम भी दोगुनी हो गई है।
बरेली में 2020 में साइबर ठगी के 394 मामले सामने आए थे। जिसमें ठगों ने 1286800 रुपये की ठगी की थी। साइबर पुलिस और सर्विलांस की टीम इसमें से लगभग 25 फीसदी रकम ही वापस करा पाई थी। वहीं 2021 में जुलाई तक साइबर ठग 390 लोगों को अपना शिकार बनाकर 1649300 रुपये की ठगी कर चुके हैं। इस बार साइबर ठगों ने रिटायर इंस्पेक्टर के साथ साथ कई व्यापारियों को भी अपना निशाना बनाया है।
सात माह में साइबर ठगों ने 2020 के मुकाबले लोगों को निशाना बनाकर लगभग 40 लाख रुपये अधिक ठगे हैं। अभी साल पूरा होने में करीब पांच माह और बाकी हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साइबर ठग इस साल 500 से अधिक लोगों को निशाना बना सकते हैं।
बार-बार बदल देते हैं तरीका
ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। जो तरीके पुराने हो जाते हैं और लोग उनके बारे में जान जाते हैं तो उसे बंद कर नये तरीके से ठगी करने लगते हैं। कभी सिम ब्लॉक, तो कभी एटीएम ब्लॉक तो कभी केवाईसी तो कभी सैनिक बनकर ठगी करते हैं। ज्यादातर ठगी के मामले शनिवार की शाम के बाद ही किए जाते हैं, क्योंकि दूसरे दिन बैंक बंद होती हैं और ठगी की रकम खाते से वापस कराना मुश्किल होता है।
साइबर थाना खुला पर मामले नहीं हुए
साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए रेंज स्तर पर थाना खोले गए हैं। बरेली में भी पुलिस लाइंस में साइबर थाना खोला गया है। एसएसपी आवास में साइबर सेल संचालित है। इसके बावजूद भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पहले तो ठगी के मामले ही देर में दर्ज किए जाते हैं लेकिन उसके बाद ठगों को नहीं पकड़ा जाता है। सेल जल्द जानकारी मिलने पर खाते से रकम वापस करा देती है।
रोकथाम के दिए निर्देश
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि साइबर अपराध को रोकने के लिए इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोगों को भी अपने एकाउंट से जुडी जानकारी किसी को नहीं देनी चाहिए। साथ ही किसी भी लिंक को डाउनलोड नहीं करना चाहिए।
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