बाराबंकी: अधिकारी व पत्रकार बन कर रहे थे ठगी, ग्रमीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
बाराबंकी। बाराबंकी जिले के थाना मसौली में सूचना विभाग के अफसर और पत्रकार बनकर दुकानदारों से ठगी करने के मामले में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दो आरोपियों को पुलिस ने फर्जी अभिलेखों के साथ धोखाधड़ी करके जबरन वसूली की धराओ में मुकदमा दर्ज करके बुधवार जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में एक आरोपी भागने …
बाराबंकी। बाराबंकी जिले के थाना मसौली में सूचना विभाग के अफसर और पत्रकार बनकर दुकानदारों से ठगी करने के मामले में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दो आरोपियों को पुलिस ने फर्जी अभिलेखों के साथ धोखाधड़ी करके जबरन वसूली की धराओ में मुकदमा दर्ज करके बुधवार जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में एक आरोपी भागने में कामयाब रहा।
पुलिस के मुताबिक थाना मसौली के कस्बा त्रिलोकपुर में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे इंडिगो कार नम्बर यूपी 32 डीक्यू 3671 से दो व्यक्ति रामविलास पुत्र प्यारे लाल निवासी ग्राम चचेरूवा थाना जहाँगीराबाद की दुकान जो त्रिलोकपुर में है के बाहर भीतर चेक करने लगे और बताया कि हम दोनों सूचना विभाग से आये है और तुमने दुकान की आड़ मे क्लीनिक खोल रखी है व जेल भेजने आदि की धमकी देने लगे।
कार्यवाही न करने के एवज मे 5 हजार रूपये जल्दी देने का दबाव बनाने लगे। शक होने पर दुकानदारों ने दोनों लोगों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। ठगी के मामले में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को अपना नाम फहीम अमहद पुत्र बाबू व समीर खां पुत्र जहीर खान निवासी गण जरवल रोड थाना जरवल जनपद बहराइच बताया है। दोनों ने बताया कि एक साथी वकार अहमद पुत्र अशफाक अहमद निवासी तकिया कस्बा व थाना जरवल मौके से फरार हो गया पुलिस ने बताया कि पूछताछ से जानकारी में आया कि आरोपी शातिर ठग है।
इनके जरिये छोटे कस्बों में सीधे साधे लोगों को ग्राम प्रधानों व दुकानदारों को निशाना बनाया जाता है। आरोपी कभी मीडिया कर्मी बनकर कभी सूचना विभाग का अधिकारी बनकर और कभी आर्केस्ट्रा प्रोग्राम कराने के नाम पर लोगों को धमका कर 5 सौ रूपये से लेकर 5 हजार रूपये तक की मांग की जाती है। अपनी इंडिगो कार नम्बर यूपी 32 डीक्यू 3671 में सचिवालय का पास लगाकर बताया जाता है कि उनका आना-जाना सचिवालय में भी है।
इस तरह से इनके द्वारा लोगों को रौब में लेकर रूपये वसूल जाते है। इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि बहराइच में 5 सौ से अधिक घटनाएं को इन्होंने स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि इनके पास से विज्ञापन रसीद में आवास विकास बाराबंकी में ऑफिस का पता लिखा गया है जो कि पूर्णतया फर्जी पाया गया ।
