लखनऊ: मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर अधिकारियों पर दिखाता था रौब, गिरफ्तार

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लखनऊ। मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर वरिष्ठ अधिकारी पर काम का दबाव बनाने वाले एक शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। काम का दबाव बनाने के लिए शातिर शासन द्वारा जारी सीयूजी नंबर का प्रयोग करता था। 13 जुलाई को अभियुक्त ने खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी अभिषेक कौशिक बनकर लोक निर्माण विभाग के सचिव …

लखनऊ। मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर वरिष्ठ अधिकारी पर काम का दबाव बनाने वाले एक शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। काम का दबाव बनाने के लिए शातिर शासन द्वारा जारी सीयूजी नंबर का प्रयोग करता था। 13 जुलाई को अभियुक्त ने खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी अभिषेक कौशिक बनकर लोक निर्माण विभाग के सचिव समीर वर्मा को फोन किया था और काम करने का दबाव बना रहा था। सचिव को शक होने पर उन्होंने मामले की एफआईआर गौतमपल्ली थाने में दर्ज कराई थी।

शातिर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमों के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि देहात कोतवाली सीतापुर निवासी नीरज चौधरी मुख्यमंत्री का फर्जी ओएसडी बनकर सीयूजी नंबर के जरिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर काम करने का दबाव बनाता था। पुलिस अब इस मामले की भी पड़ताल में जुटी है कि जो सीयूजी नंबर शासन के वरिष्ठ अधिकारी इस्तेमाल करते हैं वह नंबर शातिर तक कैसे पहुंच गया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को गोमतीनगर रिवरफ्रंट के पास से अभियुक्त नीरज चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

खुद पूर्व, पत्नी वर्तमान ग्राम प्रधान

आरोपी नीरज चौधरी मूल रूप से सीतापुर देहात कोतवाली के उमरी शादीपुर गांव का रहने वाला है। वह इस गांव का पूर्व प्रधान भी रह चुका है। वर्तमान समय में उसकी पत्नी इस गांव की प्रधान है। बावजूद इसके वह मुख्यमंत्री का फर्जी ओएसडी बनकर अधिकारियों को रौब में लेकर अपना काम कराने का प्रयास कर रहा था।

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