बरेली: कोरोना के चलते नहीं निकला जुलूस, घरों पर हुई अजादारी
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के चलते सामूहिक रूप से होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है। मोहर्रम को लेकर भी शासन की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। सभी तरह के जुलूस और ताजिएदारी पर रोक के आदेश जारी किए गए हैं। इसके चलते आठ मुहर्रम को हजरत अब्बास की …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के चलते सामूहिक रूप से होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है। मोहर्रम को लेकर भी शासन की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। सभी तरह के जुलूस और ताजिएदारी पर रोक के आदेश जारी किए गए हैं। इसके चलते आठ मुहर्रम को हजरत अब्बास की शहादत पर निकलने वाला जरीदों का जुलूस इस बार भी कोरोना के चलते नहीं निकाला गया। लोगों ने घर व इमामबाड़ों में ही अजादारी की।
हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास की शहादत पर निकलने वाला पुराना कदीमी जुलूस अलम किला के इमामबाड़ा फतेह अली शाह से निकलता था। जो अपने रास्ते होता हुआ कुमार टाकीज पहुंचता था। वहां से अंजुमन शमशीर-ए हैदरी, अंजुमन ऑल इंडिया गुल्दस्ता-ए-हैदरी जंजीर व कमां का मातम करती थी। फिर ये जुलूस कुतुबखाना, मनिहार गली आदि जगह होता हुआ काला इमामबाड़ा में समाप्त होता था।
ऑल इंडिया गुल्दस्ता-ए-हैदरी के मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि इस बार भी कोरोना के चलते जुलूस नहीं निकाला गया। घर में ही हजरत अब्बास की नियाज नज्र हुई। घर और इमामबाड़ों में थोड़े लोगों में मजलिस मातम किया। मौला अब्बास के मसाहिब और नौहे पढ़े।

दरगाह पहलवान साहब पर लगाई शरबत की सबील
आठ मुहर्रम को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान व दरगाह पहलवान साहब कमेटी के अध्यक्ष डा. नफीस खान के निर्देश पर नॉवल्टी चौराहे स्थित सय्यद वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब की दरगाह पर सज्जादानशीन फरहान रजा खान व दरगाह कमेटी के सेक्रेटरी नोमान रजा खान की तरफ से इमाम हुसैन के नाम पर शरबत की सबील लगाई गई।
यहां तमाम राहगीरों को शरबत बांटा गया। इस मौके पर रिजवान अंसारी, शहजाद पठान नियाजी, रहबर अंसारी, मोहसिन पठान, वासिफ यार खान, निजाम कुरैशी, निजाम अलहरी आदि लोग मौजूद रहे।
