लखनऊ: राजकीय बालिका गृह से फरार हुई किशोरी, जांच में जुटी पुलिस

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लखनऊ।  मोतीनगर स्थित राजकीय बाल गृह बालिका से एक बार फिर एक शनिवार सुबह एक किशोरी शबीना उर्फ काजल फरार हो गई। वहां तैनात सुरक्षागार्डों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला सका । जिसके बाद मामले की शिकायत नाका थाना में की  गई। पुलिस अब किशोरी की खोजबीन के लिए सीसीटीवी …

लखनऊ।  मोतीनगर स्थित राजकीय बाल गृह बालिका से एक बार फिर एक शनिवार सुबह एक किशोरी शबीना उर्फ काजल फरार हो गई। वहां तैनात सुरक्षागार्डों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला सका । जिसके बाद मामले की शिकायत नाका थाना में की  गई। पुलिस अब किशोरी की खोजबीन के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी है। वह मूलरूप से मंगोलपुरी नई दिल्ली की रहने वाली थी।

इंस्पेक्टर नाका मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि बाल गृह बालिका के कर्मचारियों ने शनिवार सुबह दस बजे के करीब एक संवासिनी के भाग जाने की सूचना मिली है। संवासिनी कैसे और कहां भागी इसकी पड़ताल की जा रही है। उसकी तलाश के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। अधीक्षिका मिथलेश कुमारी की मानें तो सुबह सात बजे संवासिनियों  की गिनती की जा रही थी। इस दौरान गिनती में एक संवासिनी के न मिलने पर उसकी खोजबीन शुरू की गई, लेकिन उस संवासिनी का कुछ पता नहीं चल सका। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बालिका गृह से फरार हुई संवासिनी को 13 अगस्त को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से बहराइच से लाकर यहां दाखिल किया गया था।

4 जुलाई को भी फरार हुई थी पांच संवासिनी

राजकीय बाल गृह बालिका से 4 जुलाई को भी पांच संवासिनी यहां की दीवार फांदकर फरार हो गई थी।  इन पांचों संवासिनियों के भागने की फुटेज सीसीटीवी में भी कैद हो गई थी। जिसके बाद नाका पुलिस ने इन संवासिनियों को गोंडा और सीतापुर जिले से पकड़ा था। नाका कोतवाली में इस केंद्र के कर्मचारियों पर कई बार काम में लापरवाही बरतने का मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन आज तक कर्मचारियों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सूत्रों के मुताबिक यहां रहने वाली संवासिनियां अपने पास मोबाइल से लेकर हर वो सामान रखती हैं, जो केंद्र में प्रतिबंधित हैं। वह ऐसा काम वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की जेब गरम करके करती हैं। जेब गरम होने के बाद सुरक्षा मे तैनात कर्मचारी किसी भी गलत काम को न करने का विरोध नहीं करते हैं। नाका के प्रभारी निरीक्षक की मानें तो बालिका के भागने के पीछे भी यहां तैनात कर्मियों की लापरवाही ही है।

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