लखीमपुर-खीरी: रंजिश में चाकुओं से गोदकर पंचायत मित्र की हत्या, गांव में पुलिस तैनात

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लखीमपुर-खीरीअमृत विचार। मितौली थाना क्षेत्र में शनिवार की देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक पंचायत मित्र की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मृतक की मां की तहरीर पर गांव के ही दो लोगों को गिरफ्तार किया है। शेष की तलाश की जा रही है। गांव …

लखीमपुर-खीरीअमृत विचार। मितौली थाना क्षेत्र में शनिवार की देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक पंचायत मित्र की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मृतक की मां की तहरीर पर गांव के ही दो लोगों को गिरफ्तार किया है। शेष की तलाश की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसपी विजय ढुल ने घटनास्थल का मुआयना कर जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है।

थाना क्षेत्र के गांव कमलापुर निवासी मनोज कुमार पुत्र त्रिवेणी प्रसाद (40) की गांव के ही अमरजीत गौतम, सुरेश गौतम, रवि गौतम और बालगोविंद गौतम से पुरानी चुनावी रंजिश चल रही थी। मृतक की माँ केतकी ने बताया शनिवार की देर शाम जब मनोज दतेली बाजार से सामान लेकर घर आ रहा था। तभी कमलापुर गांव के समीप ही पहले से घात लगाए बैठे अमरजीत गौतम आदि आरोपियों ने मनोज पर चाकुओं से प्रहार कर हत्या कर दी।

मृतक मनोज कुमार का फाइल फोटो।

बताया कि पांच वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान के चुनाव में मनोज तथा अमरजीत के बीच में झगड़ा हुआ था जिसमें दोनों पक्षों की तरफ से मितौली थाने में एक मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने दोनों पक्षो को जेल भी भेजा था। मृतक की माता ने यह भी बताया की वर्ष 2018 में उनके पति त्रिवेणी प्रसाद के दोनों हाथ उपरोक्त लोगो द्वारा तोड़ दिए गए थे जिसका मुकदमा भी थाना मितौली में पंजीकृत कराया गया था जो न्यायालय में विचाराधीन है।

मृतक की मां की तहरीर पर गांव के अमरजीत गौतम समेत चार लोंगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। बाकी फरार दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। – अनिल सैनी,थाना प्रभारी

रोते बिलखते परिजन।

मासूम बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
गांव के बच्चे रक्षाबंधन का त्यौहार मना रहे थे वहीं मनोज के बच्चे अपने पिता की लाश को देखकर दहाड़े मार कर रो रहे थे। उनकी जुबान पर बस एक ही शब्द था पापा उठो राखी लेने चलना है। मासूम बच्चों के आंसू देख कर गांव वाले भी अपनी सिसक रोक नहीं पा रहे थे।

मृतक मनोज के 3 बच्चे हैं बड़ी लड़की चावली उम्र 11 वर्ष दूसरी लड़की किंजल उम्र 9 वर्ष सबसे छोटा पुत्र सिद्धार्थ तो महज 6 वर्ष का ही है। बच्चों की उम्र इतनी कम है कि वह अभी ठीक से सड़क पर जाकर घर का सामान भी नहीं जा सकते है। ऊपर से गरीबी इतनी है कि भविष्य में रोजी रोटी का भी संकट मँडरा सकता है। फिलहाल पिता का साया उठ जाने से इन बच्चों का भविष्य भी अंधकार में समा गया है।

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